CG News : छत्तीसगढ़ में HSRP नंबर प्लेट के लिए लोग परेशान, दो महीने बाद भी नहीं मिली नई प्लेट

CG News : छत्तीसगढ़ में HSRP नंबर प्लेट के लिए लोग परेशान, दो महीने बाद भी नहीं मिली नई प्लेट

CG News : छत्तीसगढ़ में HSRP नंबर प्लेट के लिए लोग परेशान, दो महीने बाद भी नहीं मिली नई प्लेट

CG News : छत्तीसगढ़ में वाहनों के लिए नई HSRP (High Security Registration Plate) लगाने की प्रक्रिया लोगों के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। परिवहन विभाग और अधिकृत कंपनियों के दावे तो ऑनलाइन बुकिंग के तुरंत बाद नंबर प्लेट मिलने के हैं, लेकिन हकीकत ये है कि लोगों को 1 से 2 हफ्ते या उससे भी ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है।

नई गाड़ियां भी लाइन में
न केवल पुराने वाहनों के मालिक, बल्कि नई गाड़ी खरीदने वाले भी परेशान हैं। शोरूम संचालकों को HSRP प्लेट पाने में 48 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में खरीदारों को गाड़ी की डिलीवरी तुरंत नहीं दी जा रही और उन्हें अगले दिन या कुछ दिन बाद बुलाया जा रहा है।

2019 से पहले की गाड़ियों को सबसे ज्यादा परेशानी
2019 से पहले रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड मौजूद नहीं होने से वेरिफिकेशन में 10 से 15 दिन लग रहे हैं। इसके बिना नंबर प्लेट जारी नहीं की जाती। इसके अलावा, पुराने मोबाइल नंबर न होने की वजह से OTP आधारित वेरिफिकेशन भी फेल हो रहा है। इससे पहले मोबाइल नंबर अपडेट कराने की झंझट झेलनी पड़ती है।

जब दो महीने में भी नहीं मिली नंबर प्लेट: जानिए कुछ वास्तविक केस
जितेंद्र सिंह, कंकालीपारा: मई में आवेदन किया, लेकिन अब तक नंबर प्लेट नहीं मिली।

अजय श्रीवास्तव, कायस्थपारा: डेढ़ माह से इंतजार कर रहे हैं, कंपनी लगातार टाल रही है।

आशीष तिवारी, डीडी नगर: दो सप्ताह तक कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला, शिकायतों के बाद प्लेट मिली।

आंकड़े: 8 लाख गाड़ियां हो चुकीं अनुपयोगी
परिवहन विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 80 लाख से अधिक वाहनों का पंजीयन है, जिनमें से 8 लाख से ज्यादा गाड़ियां सड़कों से बाहर हो चुकी हैं, और 2019 से पहले की करीब 50 लाख गाड़ियां HSRP के लिए पात्र हैं। इनमें से कई गाड़ियां खराब, कबाड़ में या 20 साल से पुरानी होने के कारण HSRP प्लेट के योग्य नहीं हैं।

गलत प्रिंटिंग और डुप्लीकेट प्लेट्स की गड़बड़ी
दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि कई लोगों को एक ही नंबर की प्लेट थमा दी गई है। जिलों की नंबरिंग भी गलत हो रही है। उदाहरण के तौर पर, रायपुर के CG 04 नंबर को गलती से CG 40, CG 05 या CG 06 प्रिंट कर दिया गया। जब लोग शिकायत करते हैं तो कंपनी प्लेट वापस ले लेती है, लेकिन नई प्लेट देने में हफ्तों लगा रही है।

रायपुर में अब भी 2 लाख से अधिक गाड़ियां इंतजार में
रायपुर जिले में 2,66,451 गाड़ियों में HSRP प्लेट लगनी है। लेकिन अब तक सिर्फ 50,000 वाहनों को ही प्लेट दी जा सकी है। लोगों द्वारा लगातार ऑनलाइन बुकिंग की जा रही है, लेकिन डिमांड के मुताबिक कंपनी पर्याप्त स्पीड से काम नहीं कर पा रही है।

विभागीय उदासीनता पर उठ रहे सवाल
परिवहन विभाग कई बार कंपनी को स्टाफ और मशीनें बढ़ाने के निर्देश दे चुका है, लेकिन कंपनी अपने अनुसार काम कर रही है। न कोई नोटिस, न कार्रवाई, यही वजह है कि लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

कंपनी का पक्ष
“नंबर प्लेट लगाने की कोई परेशानी नहीं है। राज्यभर में नए सेंटर खोले गए हैं, स्टाफ और मशीनें दोगुनी कर दी गई हैं। दस्तावेजों की कमी होने पर ही देर होती है।”
– आशीष मिश्रा, स्टेट मैनेजर, रियलमेजॉन कंपनी

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