CG News: धमतरी में सिंचाई विभाग की लापरवाही का आरोप, नहर टूटने से 100 एकड़ धान की फसल जलमग्न
CG News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम दमकाडीह में सिंचाई व्यवस्था की खामियों का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. माइनर नहर टूटने से आसपास के करीब 80 से 100 एकड़ खेतों में पानी भर गया है. खेतों में खड़ी धान की नई फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की चिंता सताने लगी है.
नहर टूटने से खेतों में भरा पानी
ग्रामीणों के मुताबिक, किसान अच्छी बारिश के बाद इस बार बेहतर फसल की उम्मीद लगाए बैठे थे. धान की बुवाई और रोपाई का काम तेजी से चल रहा था, लेकिन अचानक माइनर नहर बीच से टूट गई. नहर का तेज बहाव सीधे खेतों की ओर चला गया और देखते ही देखते कई एकड़ जमीन पानी में डूब गई, मौके की तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि नहर टूटने वाले स्थान पर बड़ा गड्ढा बन गया है. ग्रामीणों का दावा है कि यहां करीब 30 फीट गहरा और 40 फीट चौड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है. लगातार पानी बहने से खेतों में तालाब जैसी स्थिति बन गई है.
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किसानों ने उठाए मरम्मत कार्य पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की मरम्मत हर साल कागजों में तो होती है, लेकिन जमीन पर इसका फायदा नहीं दिखता. किसानों का कहना है कि पिछले साल भी इसी जगह नहर क्षतिग्रस्त हुई थी और मरम्मत का दावा किया गया था, लेकिन एक साल बाद फिर वही समस्या सामने आ गई, पानी भरने से कई किसानों की धान की फसल प्रभावित हो गई है. खेतों में लगे पौधे खराब होने लगे हैं और किसानों को दोबारा खेती करने की चिंता सताने लगी है. कई किसान खुद खेतों से पानी निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लगातार पानी आने से परेशानी कम नहीं हो रही है.
खेतों में दिखी मछलियां, ग्रामीणों का वीडियो वायरल
नहर से बहकर आई मछलियां खेतों में दिखाई देने लगी हैं. एक तस्वीर में किसान खेतों से मछली पकड़ते नजर आए. हालांकि किसानों के लिए यह राहत नहीं बल्कि नुकसान की स्थिति है, क्योंकि पानी भरने से उनकी मेहनत और फसल दोनों प्रभावित हो रहे हैं, प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द नहर की मरम्मत कराने, खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था करने और नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है. किसानों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो नुकसान और बढ़ सकता है.
विभाग ने बारिश के बाद मरम्मत की कही बात
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शिव कुमार चंद्राकर ने बताया कि सूचना मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया गया है. उन्होंने कहा कि इस स्थान पर पहले भी मरम्मत कराई जा चुकी है. फिलहाल लगातार बारिश के कारण तुरंत मरम्मत करना संभव नहीं है. बारिश कम होते ही आवश्यक सुधार कार्य कराया जाएगा.
अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
दमकाडीह के किसान अब प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं. सवाल यह है कि हर साल मरम्मत के बावजूद नहर बार-बार क्यों टूट रही है, और इस लापरवाही का खामियाजा किसानों को क्यों भुगतना पड़ रहा है. फिलहाल प्रभावित किसान अपनी फसल और नुकसान के मुआवजे की राह देख रहे हैं.