रायगढ़ पुलिस का डिजिटल कदम: ‘सशक्त ऐप’ से चोरी की गाड़ियों की निगरानी
रायगढ़ पुलिस ने वाहन चोरी पर लगाम कसने के लिए तकनीक का सहारा लिया है। पुलिस के मुताबिक, दोपहिया चोरी की घटनाओं में कमी आई है और अब चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए ‘सशक्त ऐप’ का उपयोग किया जा रहा है। इस एप्लीकेशन के जरिए गैरेज संचालक भी संदिग्ध वाहनों की पहचान कर सकेंगे।
पुलिस ने शहर के मैकेनिक और गैरेज मालिकों के साथ बैठक कर उन्हें ऐप की कार्यप्रणाली समझाई। मौके पर ही उनके मोबाइल फोन में ऐप डाउनलोड कर इंस्टॉल कराया गया और उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। चोरी की गाड़ी की सटीक सूचना देने वाले पुलिस मित्रों को सम्मानित करने की भी घोषणा की गई है।

ऐसे काम करता है ‘सशक्त ऐप’
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प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड करें।
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मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन कर OTP से सत्यापन करें।
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प्रोफाइल एक्टिव होने के बाद वाहन नंबर सर्च करने का विकल्प मिलेगा।
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यदि दर्ज नंबर किसी FIR में शामिल है, तो उसकी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।
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संदिग्ध वाहन की सूचना संबंधित थाने को देने पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
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ऐप में पुलिस अधिकारियों की डायरेक्टरी जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
मॉडिफाइड साइलेंसर और तेज हार्न पर सख्ती
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में नियम विरुद्ध साइलेंसर और अत्यधिक ध्वनि वाले हार्न लगाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गैरेज संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे उपकरण फिट न करें।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि जांच के दौरान चालक यह बताता है कि बदलाव किसी खास गैरेज में किया गया है, तो संबंधित संचालक पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। चारपहिया वाहनों में मानक के अनुरूप नंबर प्लेट लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नियम उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
एसएसपी ने साफ कहा है कि जिन वाहनों में अवैध साइलेंसर या हैवी हार्न लगे हैं, वे तुरंत हटवा लें। जांच में पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक शांति से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।