CG News: छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर घमासान, 33% आरक्षण को लेकर संकल्प पेश
CG News: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज एकदिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण को लेकर शासकीय संकल्प पेश किया गया। इस प्रस्ताव में परिसीमन के बाद लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग रखी गई है।
500 से ज्यादा महिला जनप्रतिनिधियों की भागीदारी
इस विशेष सत्र में प्रदेश भर से 500 से अधिक महिला जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिससे सत्र का महत्व और बढ़ गया, सत्र की शुरुआत से ही सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने आरोप लगाया कि पहले निंदा प्रस्ताव की बात कही गई थी, लेकिन अब उसे बदलकर शासकीय संकल्प लाया गया है।
विपक्ष ने उठाया जनगणना का मुद्दा
विपक्ष का कहना है कि महिला आरक्षण को लागू करने से पहले जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए, ताकि सही प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके, कांग्रेस विधायक अनिल भेड़िया ने आरक्षण बिल को “चुनावी झुनझुना” बताते हुए कहा कि 2023 में बिल पास होने के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया, जबकि महिलाएं अपने अधिकारों को अच्छी तरह समझती हैं।
डिप्टी सीएम साव का पलटवार
सत्ता पक्ष से उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने अपने वादे पूरे नहीं किए, वे आज महिला अधिकारों की बात कर रहे हैं, सदन में महिलाओं की संख्या को लेकर भी चर्चा हुई। विपक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस ने महिलाओं को अधिक अवसर दिए हैं, जबकि भाजपा और कांग्रेस के महिला विधायकों के आंकड़ों को लेकर भी तर्क-वितर्क हुआ।