Rover-Ranger Jamboree से पहले BJP में टकराव, स्काउट-गाइड अध्यक्ष पद पर घमासान तेज

Rover-Ranger Jamboree से पहले BJP में टकराव, स्काउट-गाइड अध्यक्ष पद पर घमासान तेज

Raipur Political News: छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित हो रहे Rover–Ranger Jamboree से पहले ही भारतीय जनता पार्टी के भीतर सियासी तनाव खुलकर सामने आ गया है। आयोजन जहां 9 जनवरी से अपने तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी ओर स्काउट एंड गाइड परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर उठा विवाद अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।

अध्यक्ष पद बना विवाद की जड़

पूरा मामला छत्तीसगढ़ राज्य स्काउट एंड गाइड परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर है। जंबूरी के उद्घाटन अवसर पर रायपुर पहुंचे नेशनल स्काउट एंड गाइड्स के अध्यक्ष अनिल जैन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य के नियमों के अनुसार स्कूल शिक्षा मंत्री ही परिषद का पदेन अध्यक्ष होता है।

वर्तमान में यह जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के पास है, इसलिए उन्हें ही परिषद का पदेन अध्यक्ष माना जाएगा।

पदेन और निर्वाचित अध्यक्ष में अंतर

अनिल जैन ने बताया कि पदेन अध्यक्ष और निर्वाचित अध्यक्ष की भूमिका अलग-अलग होती है।

  • पदेन अध्यक्ष का पद सरकार के पद से जुड़ा होता है

  • जबकि निर्वाचित अध्यक्ष का कार्यकाल तय अवधि के लिए होता है

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति को न्यायालय जाने का अधिकार है और संगठन इस अधिकार का सम्मान करता है।

बृजमोहन अग्रवाल ने हाईकोर्ट का खटखटाया दरवाज़ा

बीजेपी सांसद और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को परिषद का अध्यक्ष बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनका तर्क है कि जब तक उन्हें विधिवत हटाया नहीं जाता, तब तक किसी अन्य को अध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता। इसी आधार पर उन्होंने अदालत में चुनौती पेश की है।

कांग्रेस का BJP पर तीखा हमला

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विपक्षी कांग्रेस ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि यह विवाद सिद्धांतों का नहीं, बल्कि नियंत्रण और कमीशन की लड़ाई का नतीजा है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने आरोप लगाया कि बीजेपी में वरिष्ठ नेताओं की लगातार उपेक्षा हो रही है और कई अनुभवी नेताओं को संगठन व सरकार में हाशिये पर धकेला जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल बृजमोहन अग्रवाल का अपनी ही सरकार के खिलाफ अदालत जाना बीजेपी के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है। इससे न केवल पार्टी की अंदरूनी गुटबाज़ी उजागर हुई है, बल्कि युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े जंबूरी जैसे आयोजन पर भी राजनीतिक साया पड़ गया है।

यह भी पढ़ें : किसान से धोखाधड़ी मामले में कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू गिरफ्तार, 22 जनवरी तक जेल

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