CG News: भाजपा नेता से बहस के बाद जनपद पंचायत CEO रूपेश कुमार पांडेय सस्पेंड, वायरल वीडियो पर हुई कार्रवाई

CG News: भाजपा नेता से बहस के बाद जनपद पंचायत CEO रूपेश कुमार पांडेय सस्पेंड, वायरल वीडियो पर हुई कार्रवाई

CG News: भाजपा नेता से बहस के बाद जनपद पंचायत CEO रूपेश कुमार पांडेय सस्पेंड, वायरल वीडियो पर हुई कार्रवाई

CG News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में जनपद पंचायत CEO रूपेश कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। कुछ दिनों पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वे भाजपा के दुर्ग ग्रामीण मंडल महामंत्री पुराण देशमुख के साथ तीखी बहस करते नजर आए थे। मामला बढ़ने के बाद प्रशासन ने इसकी जांच कराई और अब उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।

सुशासन तिहार शिविर में हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार, थनौद गांव में आयोजित सुशासन तिहार जन समस्या निवारण शिविर के दौरान सामुदायिक भवन के लिए जारी की गई राशि को लेकर विवाद शुरू हुआ था। भाजपा नेता पुराण देशमुख ने इस राशि के आवंटन पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद उनकी और जनपद CEO रूपेश कुमार पांडेय के बीच बहस हो गई, देखते ही देखते मामला गर्मा गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। यह पूरा घटनाक्रम स्थानीय विधायक की मौजूदगी में हुआ था।

‘जो करना है कर लो’ बयान बना विवाद की वजह

वायरल वीडियो में CEO रूपेश कुमार पांडेय को यह कहते हुए सुना गया था कि, “जो करना है कर लो।” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद अधिकारी के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। भाजपा नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने भी इस पर आपत्ति जताई थी।

जांच के बाद जारी हुआ निलंबन आदेश

मामले को गंभीर मानते हुए जिला प्रशासन ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संभागायुक्त कार्यालय को भेजी थी। इसके बाद संभागायुक्त कार्यालय ने रूपेश कुमार पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण मांगा, हालांकि, अधिकारी द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद वायरल वीडियो, प्रशासनिक रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की गई। प्रारंभिक जांच में आचरण संबंधी गड़बड़ियां सामने आने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।

सामुदायिक भवन की राशि को लेकर था विवाद

बताया जा रहा है कि जिस सामुदायिक भवन को लेकर विवाद हुआ, उसका निर्माण पूर्व सरपंच के कार्यकाल में शुरू हुआ था। भाजपा नेता का आरोप था कि निर्माण कार्य पर पहले से रोक (स्टे) लगी हुई थी, इसके बावजूद वर्तमान सरपंच के कार्यकाल में राशि जारी कर दी गई, वहीं जनपद CEO का पक्ष था कि स्टे हट चुका था, इसलिए नियमों के अनुसार राशि जारी की गई। इसी मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे।

महेंद्र जांगड़े को मिला अतिरिक्त प्रभार

निलंबन आदेश में यह भी कहा गया है कि अगले आदेश तक जनपद पंचायत दुर्ग के CEO का अतिरिक्त प्रभार जिला पंचायत दुर्ग में पदस्थ प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी महेंद्र कुमार जांगड़े संभालेंगे। वे अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ जनपद पंचायत CEO का कार्यभार भी देखेंगे।

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