CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: डिस्टिलरी यूनिट्स की होगी संयुक्त जांच, 30 दिन में मांगी रिपोर्ट

CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: डिस्टिलरी यूनिट्स की होगी संयुक्त जांच, 30 दिन में मांगी रिपोर्ट

CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: डिस्टिलरी यूनिट्स की होगी संयुक्त जांच, 30 दिन में मांगी रिपोर्ट

CG News: नदियों के प्रदूषण और पर्यावरणीय मानकों के पालन को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य की कुछ शराब निर्माण इकाइयों की स्वतंत्र और विस्तृत जांच कराने का आदेश देते हुए 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

नदी प्रदूषण मामले पर कोर्ट की नजर

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष नदियों के जल प्रदूषण को लेकर विभिन्न पक्षों की रिपोर्ट और शपथ पत्र प्रस्तुत किए गए। इस दौरान राज्य सरकार ने बताया कि संबंधित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया है और जांच में नदी के पानी की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई है।

सरकार ने पेश किया अपना पक्ष

राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया था। निरीक्षण के दौरान जल गुणवत्ता और ऑक्सीजन स्तर की जांच की गई, जिसमें किसी गंभीर प्रदूषण की पुष्टि नहीं हुई।

फैक्ट्री प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार

सुनवाई के दौरान संबंधित डिस्टिलरी प्रबंधन की ओर से भी पक्ष रखा गया। उनका कहना था कि संयंत्र आधुनिक पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाएं लागू हैं।

नियम उल्लंघन के मामलों का भी हुआ उल्लेख

अदालत के समक्ष यह जानकारी भी रखी गई कि कुछ इकाइयों के खिलाफ पूर्व में पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की जा चुकी है। निरीक्षण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी व्यवस्थाओं में कमियां मिलने पर संबंधित विभागों द्वारा दंडात्मक कदम उठाए गए थे, मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट ने दो अधिवक्ताओं को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया है। ये अधिकारी पर्यावरण विभाग के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर संबंधित इकाइयों का संयुक्त निरीक्षण करेंगे और वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे।

30 दिनों में सौंपनी होगी रिपोर्ट

अदालत ने निर्देश दिया है कि निरीक्षण प्रक्रिया पूरी कर 30 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जाए। साथ ही संबंधित उद्योगों को जांच दल के साथ पूर्ण सहयोग करने के लिए भी कहा गया है, हाईकोर्ट के इस कदम को पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक इकाइयों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की सुनवाई और संभावित कार्रवाई का रास्ता तय होगा।

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