CG News: शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 24 से ज्यादा याचिकाएं खारिज
CG News: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को चुनौती देने वाली 24 से अधिक याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. इन याचिकाओं में राज्य सरकार द्वारा जारी आदेशों को चुनौती दी गई थी. अदालत के फैसले के बाद सरकार की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को बड़ी कानूनी राहत मिली है.
सरकार के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा है ट्रांसफर
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण और पदस्थापना प्रशासनिक निर्णय हैं, जो सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. अदालत ने कहा कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को किसी एक स्थान पर बने रहने का न तो संवैधानिक अधिकार है और न ही कानूनी अधिकार.
जनहित में बताया सरकार का फैसला
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि स्कूलों में शिक्षकों के संतुलित वितरण और शिक्षक विहीन विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई नीति जनहित में है. इसलिए इसमें न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है.
2024 में जारी हुई थी नीति
राज्य सरकार ने अगस्त 2024 में स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे. इसके बाद वर्ष 2025 में इस नीति के क्रियान्वयन के आदेश जारी किए गए. नीति के तहत अतिरिक्त शिक्षकों को उन विद्यालयों में भेजने का प्रावधान किया गया, जहां शिक्षकों की कमी थी.
कई जिलों के शिक्षकों ने दी थी चुनौती
इस नीति के खिलाफ दुर्ग, कोंडागांव, कांकेर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, रायपुर, कोरबा, बिलासपुर और महासमुंद सहित कई जिलों के शिक्षकों और शिक्षक संगठनों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं. अदालत के ताजा फैसले के बाद इन सभी याचिकाओं को निरस्त कर दिया गया और सरकार की नीति को वैध माना गया.