CG News : रायगढ़ जिले में धर्म परिवर्तन के बाद हनुमान मंदिर तोड़ा, विरोध में चर्च पर हमला – तनाव का माहौल
CG News : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के ग्राम भाठनपाली में धर्मांतरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गांव के एक निवासी द्वारा बनाए गए हनुमान मंदिर को खुद के आदेश पर जेसीबी से तुड़वाए जाने के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई है। घटना जूटमिल थाना क्षेत्र की है, जहां मंगलवार 28 मई को यह मामला सामने आया।
खुद बनवाया मंदिर, फिर खुद तुड़वाया
स्थानीय निवासी निर्मल सारथी ने गांव में निजी खर्च से एक हनुमान मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर लगभग पूरा हो चुका था और प्रतिमा स्थापना के लिए प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी चल रही थी। लेकिन इसी बीच निर्मल ने अपने आदेश पर जेसीबी मंगवाकर मंदिर को ढहा दिया। मंदिर तोड़ने की खबर जैसे ही हिंदू संगठनों तक पहुंची, आक्रोश फैल गया।
जवाब में चर्च पर हमला
गुस्साए कार्यकर्ताओं ने मंदिर के सामने स्थित चर्च के क्रॉस को तोड़ डाला। घटना के बाद बुधवार को हिंदू संगठनों और पुलिस के बीच झड़प और झूमाझटकी की भी सूचना है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
बीमारी के बाद धर्म परिवर्तन का दावा
गांव की सरपंच जसकेतन झरिया और बीडीसी प्रतिनिधि सतवीर सिंह ने बताया कि निर्मल सारथी लंबे समय से बीमार चल रहा था। इलाज के दौरान वह ईसाई धर्मसभा में जाने लगा और कथित तौर पर मानसिक रूप से प्रभावित होकर उसने धर्म परिवर्तन कर लिया। इससे पहले निर्मल चर्च का विरोध करता था और खुद मंदिर बनवाने की पहल की थी।
बताया गया कि धर्म परिवर्तन के बाद निर्मल ने मंदिर को हटाने की योजना बनाई और करीब दो-तीन साल पहले फावड़ा लेकर मंदिर तोड़ने की कोशिश भी की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। अब उसने जेसीबी की मदद से मंदिर को ध्वस्त करवा दिया।
गांव में चर्च की बढ़ती उपस्थिति
स्थानीय लोगों के अनुसार भाठनपाली में चर्च वर्षों से मौजूद है, पहले इसमें सिर्फ एक परिवार पूजा करता था, लेकिन अब करीब पांच परिवारों के 40-50 लोग चर्च से जुड़े हैं। आसपास के गांवों जैसे झलमला और बिंजकोट से भी लोग चर्च आते हैं, जबकि पादरी बाहर से बुलाए जाते हैं। जूटमिल थाना प्रभारी प्रशांत राव आहेर ने बताया कि घटना के बाद तनाव बढ़ने पर कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिन पर सबसे अधिक हंगामा करने का आरोप है। उनसे पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
धर्म परिवर्तन, सामाजिक असंतुलन और धार्मिक असहिष्णुता को लेकर यह घटना न केवल रायगढ़ जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में एक गंभीर सामाजिक बहस को जन्म देती है। प्रशासन की चुनौती अब स्थिति को सामान्य करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है।