CG News: छत्तीसगढ़ GST विभाग की बड़ी कार्रवाई, 53 करोड़ की बोगस बिलिंग मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

CG News: छत्तीसगढ़ GST विभाग की बड़ी कार्रवाई, 53 करोड़ की बोगस बिलिंग मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

CG News: छत्तीसगढ़ GST विभाग की बड़ी कार्रवाई, 53 करोड़ की बोगस बिलिंग मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

CG News: छत्तीसगढ़ राज्य GST विभाग ने फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 करोड़ रुपए के टैक्स फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी विजय कुमार यादव को गिरफ्तार किया है. विभाग के अनुसार आरोपी ने फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपए की बोगस बिलिंग कर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया. आरोपी को अदालत ने 3 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है.

53 करोड़ की फर्जी बिलिंग का खुलासा

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विजय कुमार यादव ने माया स्टील एंड एंटरप्राइज और मायरा स्टील एंटरप्राइजेज के नाम से दो फर्मों का संचालन किया. इन कंपनियों के जरिए करीब 53 करोड़ रुपए की बोगस बिलिंग कर 9.54 करोड़ रुपए का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट विभिन्न फर्मों को ट्रांसफर किया गया.

फर्जी ITC से किया टैक्स फ्रॉड

जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने बंद और फर्जी फर्मों से प्राप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट का इस्तेमाल अपनी टैक्स देनदारी चुकाने में भी किया. बिना वास्तविक कारोबार के केवल दस्तावेजों के आधार पर टैक्स लाभ हासिल किया गया, GST विभाग की जांच में 10 ऐसी फर्मों का पता चला, जिनका GST पंजीयन पहले ही रद्द हो चुका था या वे आपस में संबंधित थीं. इन फर्मों के माध्यम से ITC-02 के जरिए 6.13 करोड़ रुपए के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया गया. जबकि इनके बीच किसी तरह का वास्तविक विलय, डी-मर्जर या अमलगमेशन नहीं हुआ था.

दूसरे राज्यों की फर्जी फर्मों का भी इस्तेमाल

जांच में पंजाब सहित अन्य राज्यों की 9 ऐसी फर्मों का भी खुलासा हुआ, जिनका GST पंजीयन रद्द था या वे अस्तित्व में ही नहीं थीं. इन फर्मों के नाम पर 1.99 करोड़ रुपए के फर्जी ITC का दावा किया गया, जबकि किसी भी तरह की वास्तविक माल आपूर्ति नहीं हुई थी, विभाग के अनुसार बिना किसी वास्तविक खरीद के GSTR-2B की तुलना में GSTR-3B में 1.41 करोड़ रुपए का अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम किया गया. इससे आरोपी ने नियमों का उल्लंघन कर अनुचित कर लाभ प्राप्त किया.

खुद भी उठाया फर्जी ITC का फायदा

जांच में सामने आया कि आरोपी ने केवल अन्य फर्मों को ही 9.54 करोड़ रुपए का फर्जी ITC ट्रांसफर नहीं किया, बल्कि स्वयं भी समान राशि का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर उसका लाभ उठाया. बिना वास्तविक खरीद-बिक्री के केवल कागजी लेनदेन दिखाकर शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया.

विशेष अभियान के तहत जारी है जांच

राज्य GST विभाग ने बताया कि फर्जी बिलिंग और बोगस ITC के खिलाफ विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है. मामले में शामिल अन्य फर्मों और व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच जारी है और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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