अंबिकापुर में भीषण आग से 8 दुकानें खाक… VIDEO: ढाई घंटे बाद काबू, सवा करोड़ से ज्यादा का नुकसान
अंबिकापुर शहर के अंबेडकर चौक पर मंगलवार तड़के बड़ा अग्निकांड हो गया। ऑटो, फर्नीचर और डेकोरेशन से जुड़ी दुकानों में सुबह करीब 4 बजे आग भड़क उठी, जिसने कुछ ही मिनटों में आसपास की 8 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
आग इतनी तेजी से फैली कि देखते-देखते लपटें करीब 30 फीट ऊंची उठने लगीं। सूचना मिलने के बावजूद फायर ब्रिगेड करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची, तब तक आग भयावह रूप ले चुकी थी।
दमकल कर्मियों ने करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। प्रारंभिक आकलन में सवा करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र की है।
राहगीर ने दी सूचना, फिर हरकत में आया प्रशासन
जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले आग एक फर्नीचर शोरूम में लगी। सुबह करीब 4:30 बजे वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने दुकान के बोर्ड पर लिखे नंबर पर संचालक राकेश अग्रवाल को फोन कर आग की सूचना दी।
इसके बाद राकेश अग्रवाल ने तत्काल फायर ब्रिगेड, कंट्रोल रूम और डायल-112 को कॉल किया। सूचना पर गांधीनगर, कोतवाली और मणिपुर थाना पुलिस, साथ ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची।
प्लास्टिक-फोम बना आग का ईंधन
फर्नीचर दुकान में रखे प्लास्टिक और फोम के सामान की वजह से आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही देर में आग ई-रिक्शा शोरूम, मारुति इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य दुकानों तक पहुंच गई।
दुकान संचालक राहुल अग्रवाल ने बताया कि करीब 45 मिनट तक दमकल नहीं पहुंची, जिसके बाद उन्होंने एएसपी अमोलक सिंह को सीधे कॉल किया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस महकमा सक्रिय हुआ।
नाश्ते की दुकान में सिलेंडर ब्लास्ट
करीब 45 मिनट बाद दमकल की पहली गाड़ी मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद दूसरी गाड़ी भी आई, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते उसका सिस्टम काम नहीं कर पाया।
इसी दौरान आग फैलकर पास की नाश्ते की दुकान तक पहुंच गई, जहां रखे छोटे सिलेंडर में विस्फोट हो गया। धमाके के बाद नाश्ते की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई।
फैक्ट्री भी आई आग की चपेट में
बताया गया कि राकेश अग्रवाल की दुकानों के पीछे फर्नीचर निर्माण की फैक्ट्री भी संचालित थी, जहां पेंट और लकड़ी का काम होता था। आग ने फैक्ट्री को भी अपनी चपेट में ले लिया।
स्थिति को देखते हुए दरिमा एयरपोर्ट की फायर ब्रिगेड टीम को भी बुलाया गया। एयरपोर्ट फायर यूनिट की मदद से आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, लापरवाही का आरोप
दुकान संचालकों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी। राकेश अग्रवाल ने दावा किया कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती तो नुकसान 20 प्रतिशत तक सीमित रह सकता था।
उन्होंने फायर ब्रिगेड पर देरी और लापरवाही का आरोप लगाया। आग में ई-रिक्शा, बैटरियां, इलेक्ट्रॉनिक सामान, फर्नीचर और डेकोरेशन का महंगा माल पूरी तरह नष्ट हो गया।
ट्रैफिक भी हुआ प्रभावित
सुबह के समय आग के चलते स्कूल बसें और वैन भी जाम में फंस गईं। कई घंटों तक इलाके में अव्यवस्था बनी रही, हालांकि बाद में ट्रैफिक सामान्य कर दिया गया।
फिलहाल गांधीनगर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।