CG News: छत्तीसगढ़ पंचायत विभाग का नया निर्देश, महिला प्रतिनिधियों की भूमिका होगी स्वतंत्र, प्रॉक्सी सिस्टम पर रोक
CG News: छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायतों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नया और सख्त निर्देश जारी किया है। इसका उद्देश्य महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में स्वतंत्र और प्रभावी भूमिका देना है।
अब नहीं चलेगा प्रॉक्सी सिस्टम
नए आदेश के अनुसार अब किसी भी महिला सरपंच या जनप्रतिनिधि की जगह उनके पति या परिवार के अन्य सदस्य बैठकों में शामिल नहीं हो सकेंगे। सभी बैठकों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधि की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
बैठक में उपस्थिति होगी अनिवार्य
ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और अन्य स्तरीय बैठकों में महिला प्रतिनिधियों की मौजूदगी जरूरी होगी। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। जरूरत पड़ने पर फेस रिकॉग्निशन और बायोमेट्रिक सिस्टम से उपस्थिति की पुष्टि की जाएगी।
डिजिटल मॉनिटरिंग से होगी निगरानी
पंचायत कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए सभासार पोर्टल और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बैठकों की जानकारी नियमित रूप से अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। इससे प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व पर रोक लगाने में मदद मिलेगी, महिला जनप्रतिनिधियों को मजबूत बनाने के लिए नेतृत्व विकास प्रशिक्षण, जेंडर सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम और जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही सफल महिला प्रतिनिधियों की कहानियों को भी सार्वजनिक मंचों पर साझा किया जाएगा।
महिला सभाओं को मिलेगा बढ़ावा
पेसा क्षेत्रों में ग्राम सभा से पहले महिला सभा अनिवार्य की गई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी महिलाओं के लिए अलग मंच तैयार करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि वे खुलकर अपनी बात रख सकें।
शिकायत निवारण व्यवस्था मजबूत
प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए जिला, जनपद और ग्राम स्तर पर शिकायत पेटी और निवारण तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।