CG News: पुलिस कॉन्स्टेबल प्रमोशन पर हाईकोर्ट का अंतरिम रोक आदेश, 15 जून को अगली सुनवाई
CG News: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पुलिस कॉन्स्टेबल प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर बड़ा अंतरिम आदेश जारी किया है। जस्टिस पीपी साहू ने प्रमोशन की अंतिम सूची जारी करने पर रोक लगा दी है, हालांकि प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी गई है।
73 पुलिसकर्मियों की याचिका पर सुनवाई
यह मामला 72 से 73 आरक्षकों की याचिकाओं से जुड़ा है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि प्रमोशन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं में कोरबा जिले के कई पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिन्होंने वरिष्ठता सूची को लेकर आपत्ति दर्ज की है, याचिका में कहा गया है कि कुछ आरक्षकों को, जिन्होंने अपनी मर्जी से दूसरे जिलों में ट्रांसफर लिया, उन्हें भी पुरानी नियुक्ति तिथि के आधार पर वरिष्ठ माना जा रहा है। जबकि नियम 2007 के अनुसार ऐसे मामलों में नए जिले की वरिष्ठता सूची में उन्हें नीचे रखा जाना चाहिए।
1 जून की फाइनल सूची पर लगी रोक
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यदि रोक नहीं लगती तो 1 जून 2026 को फाइनल फिट लिस्ट जारी हो जाती, जिससे कई योग्य आरक्षकों का हक प्रभावित होता। कोर्ट ने इस पर रोक लगाते हुए कहा कि अंतिम प्रमोशन आदेश बिना अनुमति जारी नहीं होंगे, राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि पुलिस मुख्यालय के स्पष्टीकरण को इस याचिका में चुनौती नहीं दी गई है। साथ ही यह भी बताया गया कि कई याचिकाकर्ताओं के नाम भी संभावित रूप से फिट लिस्ट में शामिल हो सकते हैं।
बिलासपुर संभाग में 795 आरक्षक योग्य
बिलासपुर संभाग में कुल 795 आरक्षकों को प्रमोशन के लिए योग्य पाया गया है। इनमें सबसे अधिक बिलासपुर और रायगढ़ से 230-230 आरक्षक शामिल हैं, जबकि कोरबा, जांजगीर और अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में नाम सूची में हैं।
ट्रांसफर सिस्टम पर भी सवाल
जानकारी के मुताबिक कई आरक्षक प्रमोशन में फायदा लेने के लिए दूसरे जिलों में ट्रांसफर कराते हैं और बाद में हवलदार बनने के बाद फिर पुराने जिलों में लौट आते हैं। इसी प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से विवाद चलता आ रहा है।