छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू, कवासी लखमा की सशर्त वापसी चर्चा में
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के साथ कार्यवाही प्रारंभ हुई, जिसमें सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का उल्लेख किया गया। अभिभाषण में रायपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल निर्माण और नक्सल विरोधी अभियानों की जानकारी दी गई।
सदन में दिखी सौहार्द की झलक
लंबे समय बाद सदन पहुंचे पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने विभिन्न दलों के नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने भाजपा नेताओं अजय चंद्राकर, रामविचार नेताम और धर्मजीत सिंह से गले मिलकर अभिवादन किया। इस दौरान सदन में सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला।
आर्थिक सर्वेक्षण पेश, बजट कल
वित्तमंत्री ओ. पी. चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत किया। बजट 24 फरवरी को पेश किया जाएगा। पहले दिन की कार्यवाही को अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विकास और अधोसंरचना पर फोकस
सत्र से पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक स्पीकर रमन सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और उपमुख्यमंत्री अरुण साव सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
सरकार का संकेत है कि बजट में गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और उद्योग पर विशेष ध्यान रहेगा। जिलों में नालंदा लाइब्रेरी, शहरों में स्टेडियम और रिंग रोड निर्माण की योजनाएं शामिल हो सकती हैं। साथ ही पीएम सूर्यघर और आयुष्मान जैसी योजनाओं के लिए भी प्रावधान प्रस्तावित हैं।
सशर्त अनुमति के साथ सदन में वापसी
शराब घोटाले से जुड़े मामले में करीब एक वर्ष जेल में रहने के बाद कवासी लखमा को उच्च न्यायालय से 3 फरवरी को अंतरिम जमानत मिली। इसके बाद उन्हें निर्धारित शर्तों के तहत सत्र में भाग लेने की अनुमति दी गई है।
विधानसभा की ओर से बताया गया है कि-
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उनकी आवाजाही की पूर्व सूचना देनी होगी
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राजनीतिक गतिविधियों में भाग नहीं ले सकेंगे
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अपने मामले से संबंधित विषय पर सदन में कोई वक्तव्य नहीं देंगे
शर्तों के उल्लंघन पर अनुमति रद्द की जा सकती है। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण सदन में इस पर चर्चा नहीं होगी।
दो महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तावित
सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 और छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026 पेश किए जाने की संभावना है। इन विधेयकों पर राजनीतिक बहस होने के आसार हैं।
प्रश्नों की बड़ी संख्या
बजट सत्र के लिए 2800 से अधिक प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें बड़ी संख्या तारांकित प्रश्नों की है। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, अशासकीय संकल्प और याचिकाएं भी सूची में शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि सत्र के दौरान सरकार को कई मुद्दों पर जवाब देना होगा।
राजनीतिक और वित्तीय दृष्टि से यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी एक माह तक राज्य की राजनीति का केंद्र विधानसभा ही रहेगा।