छत्तीसगढ़ रोजगार मेला: उम्मीद लेकर पहुंचे युवा, बेरोजगार लौटे सैकड़ों अभ्यर्थी
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेला कई बेरोजगार युवाओं के लिए निराशा लेकर आया। रायपुर स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में तीन दिनों तक चले इस आयोजन में सरकार ने 15 हजार युवाओं को रोजगार मिलने का दावा किया था, लेकिन मेले के समापन तक केवल 1,816 अभ्यर्थियों को ही नौकरी मिल सकी।
रोजगार की उम्मीद लेकर पहुंचे युवाओं का आरोप है कि अधिकांश कंपनियों ने केवल रिज्यूम जमा कराया, जबकि नौकरी को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया।

“जॉब लेटर की उम्मीद थी, रिज्यूम लेकर लौटा दिए”
मेले में शामिल युवाओं का कहना है कि उनका रिज्यूम पहले से ही रोजगार पंजीयन कार्यालय में दर्ज है। ऐसे में दोबारा बुलाकर सिर्फ बायोडाटा लेना उन्हें भ्रमित करने जैसा लगा।
कई युवाओं ने बताया कि कंपनियों ने कहा-
“एक हफ्ते में कॉल या ईमेल करेंगे”, लेकिन मौके पर किसी भी तरह का ऑफर लेटर नहीं दिया गया।
कम सैलरी ऑफर से भी बढ़ी नाराजगी
युवाओं ने यह भी आरोप लगाया कि कई कंपनियों ने अनुभव होने के बावजूद बहुत कम वेतन का प्रस्ताव दिया।
🔹 बालोद निवासी बलदाऊ साहू ने बताया कि वे होटल मैनेजर पद के लिए पहुंचे थे। वर्तमान में वे 18 हजार रुपये सैलरी पर काम कर रहे हैं, लेकिन मेले में उन्हें 14 हजार रुपये का ऑफर दिया गया।
🔹 पाटन की प्रतिभा ने कहा कि अनुभव होने के बावजूद अपेक्षा से कम वेतन की पेशकश की गई।
“कहा गया- आगे की प्रक्रिया फोन पर होगी”
बलौदाबाजार से आए शिवनाथ साहू ने बताया कि उन्होंने टेक्नीशियन और सुपरवाइजर पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन कंपनी ने केवल रिज्यूम रख लिया।
देवनारायण वर्मा, जिन्होंने सोलर फिटर असिस्टेंट के लिए आवेदन किया था, ने बताया कि उनसे शैक्षणिक जानकारी लेकर बाद में संपर्क करने की बात कही गई।
दूसरे राज्यों में पोस्टिंग, खर्च ज्यादा
कुछ युवाओं को नौकरी का प्रस्ताव मिला भी, तो छत्तीसगढ़ के बाहर।
🔹 योगेश मानिकपुरी ने बताया कि उन्हें सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में नौकरी मिली है, लेकिन पोस्टिंग हरियाणा या ओडिशा में है। सैलरी वहां के खर्चों के हिसाब से कम है।
“इतनी दूर आकर भी बेरोजगार लौट रहे हैं”
जांजगीर-चांपा के दिवाकर ने कहा कि कंपनी ने इंटरव्यू बाद में ईमेल से लेने की बात कही है।
मुजगहन निवासी दुर्गेश ने बताया कि रिकवरी एजेंट की नौकरी के लिए आए थे, लेकिन जॉब कंफर्म नहीं हुई।
युवतियों ने जताई परेशानी
कई युवतियों ने कहा कि उन्हें दूर-दराज से सफर करना पड़ा, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिला।
64 हजार पंजीयन, सिर्फ 7 हजार पहुंचे
जानकारी के मुताबिक इस रोजगार मेले के लिए करीब 64,000 युवाओं ने पंजीयन कराया था, लेकिन उनमें से केवल 7,009 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए पहुंचे।
▪️ पहला दिन – 2,090
▪️ दूसरा दिन – 2,004
▪️ तीसरा दिन – 2,915
यानि 56 हजार से अधिक युवाओं ने मेले में आना ही जरूरी नहीं समझा।
रोजगार विभाग का पक्ष
रोजगार विभाग के उपसंचालक ए. ओं. लॉरी ने कहा कि कई युवाओं को जॉब लेटर दिए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का प्राथमिक चयन हुआ है। संबंधित कंपनियां आगे उनसे संपर्क करेंगी।