रायपुर में ‘लिविंग रूम कैफे’ सील: टैक्स बकाया पर निगम की सख्ती, 6 व्यावसायिक परिसरों पर ताला
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में संपत्तिकर बकाया नहीं चुकाने पर नगर निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए ‘लिविंग रूम कैफे’ को सील कर दिया। इसके साथ ही चार बड़े बकायेदारों से जुड़े कुल छह व्यावसायिक परिसरों पर ताला लगाया गया है।
यह कार्रवाई रायपुर नगर निगम के जोन-10 द्वारा की गई।
आयुक्त के निर्देश पर राजस्व टीम पहुंची मौके पर
निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर राजस्व विभाग ने सीलिंग अभियान चलाया। अपर आयुक्त राजस्व कृष्णा खटीक, उपायुक्त जागृति साहू और जोन-10 कमिश्नर विवेकानंद दुबे के मार्गदर्शन में टीम ने संबंधित परिसरों को सील किया।
करोड़ों का बकाया, कई बार दिए गए नोटिस
राजस्व विभाग के अनुसार, बकायेदारों को पहले डिमांड नोटिस और अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए गए थे। इसके बावजूद संपत्तिकर जमा नहीं किया गया। निगम का कहना है कि लगातार अनदेखी के बाद मजबूरन सीलिंग की कार्रवाई की गई।
इन वार्डों में हुई कार्रवाई
सीलिंग की कार्रवाई निम्न वार्डों में की गई:
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पंडित विद्याचरण शुक्ल वार्ड – 50
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बाबू जगजीवन राम वार्ड – 53
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लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड – 56
सबसे अधिक बकाया वार्ड-50 में ज्योति केशवानी/केवलराम केशवानी पर करीब 79.23 लाख रुपए बताया गया है।
वार्ड-53 में किशोर कुमार प्रिथवानी पर भी अलग-अलग मद में लाखों रुपए बकाया हैं।
वार्ड-56 में एक अन्य प्रतिष्ठान को कर अदायगी न करने पर सील किया गया।
बड़े प्रतिष्ठानों को भी नोटिस की तैयारी
निगम ने गौरव गार्डन, मधुबन, ओमाया और अमायरा में सर्वे कर प्रॉपर्टी टैक्स की स्थिति जांची है। गौरव गार्डन और मधुबन को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा अंबुजा मॉल, डिकैथलॉन, श्रीराम बिजनेस पार्क और सफायर ग्रीन को भी नोटिस देने की प्रक्रिया जारी है।
निगम की सख्त चेतावनी
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजस्व वसूली में अब किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सभी 10 जोनों को बड़े बकायेदारों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त विश्वदीप और उपायुक्त राजस्व जागृति साहू ने टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सख्ती से ही निगम की आय में बढ़ोतरी संभव है।