Chhattisgarh News : उरला दुष्कर्म-हत्याकांड: सियासत गरमाई, कांग्रेस ने उठाए पुलिस जांच पर सवाल
Chhattisgarh News : दुर्ग जिले के उरला इलाके में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के जघन्य मामले को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आज कांग्रेस की पांच सदस्यीय जांच समिति पीड़िता के घर पहुंची और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए।
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पीड़ित परिवार के ही एक सदस्य को आरोपी बना दिया है, जबकि परिवार द्वारा शक जताए गए बादल मेश्राम को छोड़ दिया गया है। विधायक सिन्हा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट कर पूछताछ की, जिसके शरीर पर चोट के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस विधायक ने यह भी कहा कि यह घटना नशे की वजह से हुई है और राज्य सरकार शराब को बढ़ावा देने में लगी हुई है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। कांग्रेस की जांच टीम में विधायक संगीता सिन्हा के साथ पूर्व महापौर हेमा देशमुख, विधायक यशोदा वर्मा, विधायक हर्षिता स्वामी बघेल, पूर्व पार्षद प्रेमलता साहू और अन्य नेता शामिल थे।
पीड़िता की मां ने आरोपी को बताया निर्दोष
इस बीच, चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता की मां ने आरोपी सोमेश यादव को निर्दोष बताया है, जिससे पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता के चाचा को मुख्य आरोपी बनाया है, जो फिलहाल पुलिस हिरासत में है।
मुआवजे से इनकार, परिवार को चाहिए न्याय
पीड़ित परिवार ने कलेक्टर अभिजीत सिंह द्वारा दिए गए ढाई लाख रुपये के मुआवजे के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है। परिवार का कहना है कि उन्हें पैसे नहीं, न्याय चाहिए और असली आरोपी को ही सजा मिलनी चाहिए।
हालांकि, दुर्ग पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद्मश्री तंवर के नेतृत्व में SIT पूरे मामले की गहन जांच करेगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट पेश करेगी।
जानिए क्या है पूरा मामला
उरला थाना क्षेत्र में 6 साल की बच्ची रविवार सुबह से लापता थी। शाम को उसकी लाश एक कार की डिक्की में खून से लथपथ मिली। बच्ची के शरीर पर चोट के निशान थे और उसकी चमड़ी उधड़ी हुई थी। परिजनों ने वारदात के बाद हंगामा किया और संदेही के घर पर तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने कार मालिक और ड्राइवर समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें बच्ची का चाचा भी शामिल था। पुलिस का दावा है कि पूछताछ, तकनीकी सबूत और आरोपी के कबूलनामे के आधार पर बच्ची का चाचा ही मुख्य आरोपी है।
उरला दुष्कर्म-हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। जहां पुलिस अपनी जांच जारी रखने का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस और पीड़ित परिवार पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि SIT की जांच में क्या नए तथ्य सामने आते हैं और मासूम बच्ची को कब और कैसे न्याय मिलता है।