CG News: बैलाडीला की पहाड़ियों के पीछे बसे गांवों में गरीबी और कुपोषण की मार, विकास अब भी दूर

CG News: बैलाडीला की पहाड़ियों के पीछे बसे गांवों में गरीबी और कुपोषण की मार, विकास अब भी दूर

CG News: बैलाडीला की पहाड़ियों के पीछे बसे गांवों में गरीबी और कुपोषण की मार, विकास अब भी दूर

CG News: छत्तीसगढ़ के बैलाडीला क्षेत्र की खनिज संपन्न पहाड़ियों के पीछे बसे कई गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से दूर हैं, लावा, पुरेंगेल, बड़ेपल्ली और बेंगपाल जैसे गांवों में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई देता है.

बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव

इन गांवों तक न तो सड़क पहुंच पाई है और न ही स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण जैसी जरूरी सुविधाएं, यहां के लोग आज भी कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के दौरे ने इन गांवों में उम्मीद की किरण जगाई, उनके बाद मेडिकल और महिला बाल विकास की टीम ने कठिन रास्तों से गुजरकर गांवों तक पहुंच बनाई.

कुपोषण की दर्दनाक तस्वीर

गांव में चार साल की बच्ची ‘छोटी’ की स्थिति बेहद गंभीर थी, कुपोषण से जूझती उसकी हालत ने यह दिखा दिया कि, योजनाएं जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रही हैं, राज्य सरकार द्वारा पोषण योजनाओं पर भारी खर्च किया जा रहा है, लेकिन इन दूरस्थ इलाकों में इनका पूरा फायदा लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है, मेडिकल टीम के प्रयास से बच्ची को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां अब उसकी हालत में सुधार देखा जा रहा है.

नक्सलवाद और विकास का सवाल

इन क्षेत्रों ने नक्सलवाद का असर जरूर झेला है, लेकिन विकास की कमी के लिए केवल इसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, दशकों से बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं आज भी सपना बनी हुई हैं, जब तक इन क्षेत्रों तक सड़क नहीं पहुंचेगी, विकास भी अधूरा रहेगा, ‘छोटी’ की कहानी केवल एक बच्ची की नहीं, बल्कि उस सच्चाई का आईना है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जब तक हर दूरस्थ गांव तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंचेगा, तब तक विकास के दावे अधूरे ही रहेंगे.

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