CG News : तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में बड़ी कार्रवाई: निलंबित IFS अधिकारी अशोक पटेल गिरफ्तार, कोर्ट ने मांगी रिमांड

CG News : तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में बड़ी कार्रवाई: निलंबित IFS अधिकारी अशोक पटेल गिरफ्तार, कोर्ट ने मांगी रिमांड

CG News : तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में बड़ी कार्रवाई: निलंबित IFS अधिकारी अशोक पटेल गिरफ्तार, कोर्ट ने मांगी रिमांड

CG News : छत्तीसगढ़ में करोड़ों रुपये के तेंदूपत्ता बोनस घोटाले की जांच में बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसीबी (Anti-Corruption Bureau) और ईओडब्ल्यू (Economic Offences Wing) की संयुक्त टीम ने निलंबित IFS अधिकारी अशोक पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां एजेंसियों ने 30 अप्रैल तक पुलिस रिमांड की मांग की है।

घोटाले की जड़ में 2021 का बोनस वितरण

इस घोटाले की कहानी वर्ष 2021 से जुड़ी है, जब तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण के दौरान भारी अनियमितताएँ सामने आईं। जांच में खुलासा हुआ कि करोड़ों रुपये के बोनस की हेराफेरी कर सरकारी तंत्र को चूना लगाया गया। इस मामले में कई प्रबंधकों और अधिकारियों की मिलीभगत भी उजागर हो चुकी है।

9 ठिकानों पर छापेमारी, साजिश की परतें खुलीं

10 अप्रैल को सुकमा जिले में एसीबी-ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर घोटाले से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य जब्त किए। छापेमारी जिन स्थानों पर हुई, वहां शामिल थे:
सीपीआई नेता मनीष कुंजाम, कोंटा प्रबंधक – मो. शरीफ़ खान, पालाचलमा प्रबंधक – सीएच वेंकट, फूलबगड़ी प्रबंधक – राजशेखर पुराणिक, जगरगुंडा प्रबंधक – रवि गुप्ता, मिशिगुडा प्रबंधक – राजेश आयतु, एर्राबोर प्रबंधक – मितेंद्र सिंह राजू, पेदाबोडकेल प्रबंधक – सुनील, जग्गावरम प्रबंधक – मनोज कवासी
इसके अलावा, 11 अप्रैल को दोरनापाल के एक वनकर्मी के घर पर भी छापा मारा गया था।

निलंबित IFS अधिकारी पर कार्रवाई

इस घोटाले में नाम सामने आने के बाद IFS अधिकारी अशोक पटेल को पहले ही निलंबित कर दिया गया था। उनकी गिरफ्तारी से अब यह मामला और भी गहराता जा रहा है। पटेल पर सरकारी राशि के गबन और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप हैं।

जांच का दायरा बढ़ा, कई जिलों में कार्रवाई

एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीमें सुकमा के अलावा रायगढ़, जगदलपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर में भी छापेमारी कर चुकी हैं। एजेंसियों का कहना है कि घोटाले की जड़ें गहरी हैं और जांच अभी भी जारी है।

छत्तीसगढ़ के वन विभाग से जुड़ा यह तेंदूपत्ता बोनस घोटाला सरकारी तंत्र की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना यह है कि इस मामले में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और क्या पीड़ित संग्राहकों को उनका हक मिल पाएगा।

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