CG News: छत्तीसगढ़ में सियासी भूचाल: रेणुका सिंह के कथित ऑडियो वायरल, AI जनरेटेड होने का दावा
CG News: छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाओं के बीच बड़ा विवाद सामने आया है। भरतपुर-सोनहत से विधायक रेणुका सिंह के नाम से जुड़े दो कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें सरकार और संगठन को लेकर गंभीर टिप्पणियां होने का दावा किया जा रहा है।
दो ऑडियो क्लिप वायरल
सोशल मीडिया पर पहले 35 सेकेंड और फिर 14 सेकेंड का एक और कथित ऑडियो सामने आया है। इन क्लिप्स में कथित तौर पर सरकार की कार्यशैली और संगठन के कुछ नेताओं पर नाराजगी व्यक्त की गई है, हालांकि इन ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
कथित बातचीत में तीखे राजनीतिक दावे
वायरल ऑडियो में कई संवेदनशील राजनीतिक बातें होने का दावा किया जा रहा है, जिनमें
• सरकार के “ऊपर से चलने” की बात
• सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक भविष्य को लेकर टिप्पणी
• विपक्षी नेता भूपेश बघेल को लेकर बयान
• आंतरिक संगठनात्मक नाराजगी और तीखी भाषा
इन क्लिप्स के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
विधायक का पलटवार
रेणुका सिंह ने इन ऑडियो को पूरी तरह फर्जी और AI जनरेटेड बताया है। उन्होंने कहा कि यह उनकी छवि खराब करने की साजिश है।
उनका कहना है कि,
• ऑडियो एडिटेड या AI से बनाया गया है
• इसकी फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए
• दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
विवाद की पृष्ठभूमि और संगठनात्मक तनाव
जानकारी के अनुसार, यह मामला तब और बढ़ा जब भाजयुमो जिला महामंत्री मनोज साहू ने सुशासन तिहार के दौरान विधायक के खिलाफ शिकायत की थी, इसके बाद संगठन स्तर पर नोटिस और जवाब-तलब की प्रक्रिया भी हुई थी। इसी घटनाक्रम के बाद कथित ऑडियो वायरल होने से विवाद और गहरा गया।
बीजेपी संगठन में भी हलचल
जिलाध्यक्ष ने पहले मनोज साहू को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि ऐसे मामलों को संगठन के अंदर सुलझाया जाना चाहिए। लेकिन बाद में ऑडियो वायरल होने से मामला सार्वजनिक विवाद में बदल गया।
जांच और कार्रवाई की मांग
विधायक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और पूरे मामले की जांच की मांग की है। साथ ही सोशल मीडिया पर फर्जी सामग्री फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है, इस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर इसे आंतरिक संगठनात्मक विवाद माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे डिजिटल माध्यम से फैलाया गया फेक कंटेंट भी बताया जा रहा है।