CG News: MP-CG को मिलेगी 6 लेन एक्सप्रेसवे की सौगात, जबलपुर से रायपुर सिर्फ 4 घंटे में !

CG News: MP-CG को मिलेगी 6 लेन एक्सप्रेसवे की सौगात, जबलपुर से रायपुर सिर्फ 4 घंटे में !

CG News: MP-CG को मिलेगी 6 लेन एक्सप्रेसवे की सौगात, जबलपुर से रायपुर सिर्फ 4 घंटे में !

CG News: मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली बड़ी परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है, जबलपुर से मंडला, चिल्फीघाटी, कवर्धा और सिमगा होते हुए रायपुर तक जाने वाले मार्ग को 6 लेन एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा, इस परियोजना पर करीब 2500 करोड़ रुपए खर्च होने की जानकारी सामने आई है.

Jabalpur Raipur 6 Lane Expressway

जबलपुर से रायपुर का सफर होगा तेज

परियोजना पूरी होने के बाद जबलपुर और रायपुर के बीच सड़क यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है, फिलहाल दोनों शहरों के बीच सफर में करीब 7 से 8 घंटे लगते हैं, जबकि 6 लेन कॉरिडोर तैयार होने के बाद यह समय घटकर करीब 3.5 से 4 घंटे रह सकता है, वहीं भोपाल से रायपुर की यात्रा भी करीब 6 से 7 घंटे में पूरी होने का अनुमान है.

फोरलेन की मांग से 6 लेन तक पहुंची परियोजना

राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय के मुताबिक, उन्होंने कुछ दिन पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा से सिमगा तक फोरलेन सड़क निर्माण की मांग रखी थी, इसके बाद केंद्र ने केवल फोरलेन तक सीमित रहने के बजाय पूरे कॉरिडोर को 6 लेन के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी, इससे कवर्धा सहित कई इलाकों को बेहतर इंटरस्टेट कनेक्टिविटी मिलेगी.

चिल्फीघाटी में होगी बड़ी चुनौती

इस परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा चिल्फीघाटी माना जा रहा है, नागमोरी घाटी के नीचे पालक गांव से चिल्फी तक करीब 8 किलोमीटर का हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र में है, जहां मौजूदा सड़क दो लेन की है, 6 लेन के लिए अतिरिक्त चौड़ाई निकालने में पहाड़ों की कटिंग करनी पड़ सकती है, साथ ही रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज सिस्टम और भूस्खलन रोकने के लिए सुरक्षा उपाय भी जरूरी होंगे.

कई जिलों को मिलेगा फायदा

6 लेन कॉरिडोर जबलपुर और मंडला से होते हुए छत्तीसगढ़ की चिल्फीघाटी में प्रवेश करेगा, इसके बाद कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा होते हुए रायपुर से जुड़ेगा, इससे दोनों राज्यों के बीच व्यापार, उद्योग, माल परिवहन और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, हालांकि सड़क चौड़ीकरण के दौरान पहाड़ी और वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई जैसी पर्यावरणीय चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं, वहीं बेहतर कनेक्टिविटी से कवर्धा के भोरमदेव, चिल्फी और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच भी आसान होने की संभावना है.

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