CG News: अंबिकापुर में पहाड़ों की कटाई का आरोप, वन अधिकार पट्टों की आड़ में अवैध खनन का मामला
CG News: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पहाड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है. आरोप है कि वन अधिकार पट्टों की आड़ में कुछ लोग पहाड़ियों को समतल कर मुरम और पत्थर निकाल रहे हैं. स्थानीय लोगों ने पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
पहाड़ों की हो रही कटाई
अंबिकापुर शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर मानिकप्रकाशपुर और क्रांति प्रकाशपुर क्षेत्र में पहाड़ियों की कटाई का आरोप लगा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जेसीबी मशीनों की मदद से पहाड़ों को काटकर मुरम और पत्थर निकाले जा रहे हैं, जिन्हें बाद में बाजार में बेचा जा रहा है.
ग्रामीणों को दिया जा रहा झांसा
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग वन अधिकार पट्टा धारकों को यह कहकर राजी कर रहे हैं कि पहाड़ी समतल होने के बाद वहां मकान बनाना आसान होगा. इसी भरोसे में कई लोग पहाड़ियों की कटाई के लिए तैयार हो रहे हैं. हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और वन अधिकार अधिनियम की शर्तों का भी उल्लंघन हो सकता है.
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
मामले को लेकर वन विभाग, राजस्व विभाग और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम हो रही पहाड़ों की कटाई के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है.
वन अधिकार पट्टों पर भी सवाल
इस मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि जिन पहाड़ियों पर वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे जारी किए गए, वहां अधिकार किस आधार पर दिए गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर वास्तविक कब्जा भी नहीं था, फिर भी अधिकार पत्र जारी किए गए.
स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पहाड़ों की कटाई रोकने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में इस क्षेत्र की प्राकृतिक पहचान और पहाड़ों को गंभीर नुकसान हो सकता है.