CG News: दुर्ग में अतिथि शिक्षकों ने खत्म किया आंदोलन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा प्रदेशव्यापी प्रदर्शन

CG News: दुर्ग में अतिथि शिक्षकों ने खत्म किया आंदोलन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा प्रदेशव्यापी प्रदर्शन

CG News: दुर्ग में अतिथि शिक्षकों ने खत्म किया आंदोलन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा प्रदेशव्यापी प्रदर्शन

CG News: दुर्ग में अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से आंदोलन कर रहे अतिथि शिक्षकों ने फिलहाल अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया है, हालांकि शिक्षकों ने सरकार को 5 सितंबर 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है, उनका कहना है कि यदि तय समय तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में फिर से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा,

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प्रेसवार्ता में किया हड़ताल खत्म करने का ऐलान

अतिथि शिक्षक संघ ने दुर्ग में प्रेसवार्ता कर हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की, शिक्षकों ने कहा कि वे आंदोलन नहीं करना चाहते थे, लेकिन वर्ष 2016 से मिल रहा मानदेय मौजूदा महंगाई के मुकाबले बेहद कम है, उन्होंने बताया कि कई अतिथि शिक्षक 25 किलोमीटर तक पैदल चलकर और नक्सल प्रभावित इलाकों में जोखिम उठाकर बच्चों को पढ़ाने पहुंचे हैं,

मानदेय बढ़ाने और सुविधाएं देने की मांग

अतिथि शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है, इसके बावजूद उन्हें नियमित शिक्षकों की तुलना में काफी कम मानदेय मिलता है, जहां नियमित शिक्षकों को करीब एक लाख रुपये और स्वामी आत्मानंद स्कूलों के शिक्षकों को लगभग 38 हजार रुपये तक वेतन मिलता है, वहीं अतिथि शिक्षकों को केवल 20 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है, शिक्षकों ने 12 महीने का वेतन, मातृत्व अवकाश और सामान्य छुट्टियों की सुविधा देने की भी मांग की है,

12 महीने काम, लेकिन पूरा भुगतान नहीं

शिक्षकों का आरोप है कि उनसे पूरे 12 महीने काम कराया जाता है, लेकिन मानदेय केवल साढ़े दस महीने का दिया जाता है, सरकार की ओर से वेतन वृद्धि, 13 सीएल, 12 महीने का मानदेय और भविष्य में नियमितीकरण को लेकर सकारात्मक संकेत मिलने के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित किया गया है, अतिथि शिक्षकों ने आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई और कथित बदसलूकी पर भी नाराजगी जताई, उन्होंने साफ कहा कि यदि 5 सितंबर 2026 तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं करती, तो प्रदेशभर में एक बार फिर आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है,

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