CG News: महासमुंद में LPG गैस घोटाले का बड़ा खुलासा, खाद्य अधिकारी मास्टरमाइंड निकला

CG News: महासमुंद में LPG गैस घोटाले का बड़ा खुलासा, खाद्य अधिकारी मास्टरमाइंड निकला

CG News: महासमुंद में LPG गैस घोटाले का बड़ा खुलासा, खाद्य अधिकारी मास्टरमाइंड निकला

CG News: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में जब्त LPG गैस कैप्सूल ट्रकों से करोड़ों रुपये की गैस गायब होने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव को इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया गया है। इस मामले ने प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है।

3 दिन में खाली हुए ट्रक

पुलिस जांच के अनुसार आरंग के एक ढाबे में 92 टन LPG गैस की डील हुई थी। इसके बाद महज 3 दिनों के भीतर कैप्सूल ट्रक लगभग खाली कर दिए गए। यह पूरा खेल सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।

डेढ़ करोड़ का गबन

पुलिस का कहना है कि खाद्य अधिकारी अजय यादव ने गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर, रायपुर निवासी मनीष चौधरी और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर करीब 1.5 करोड़ रुपये की गैस का गबन किया। इस मामले में अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं।

जब्त ट्रकों से शुरू हुआ पूरा खेल

दिसंबर 2025 में सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में 6 LPG कैप्सूल ट्रक जब्त किए गए थे। कलेक्टर कार्यालय के निर्देश पर इन्हें सुरक्षित रखा जाना था, लेकिन इसी दौरान गैस गबन की साजिश रची गई।

ढाबे में बनी साजिश और फर्जी डील

23 मार्च 2026 को आरंग के ढाबे में बैठक हुई, जिसमें गैस की पूरी योजना तैयार की गई। बाद में ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के साथ 80 लाख रुपये में डील फाइनल की गई और गैस ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हुई।

3 दिन में कैप्सूल खाली

पुलिस जांच में सामने आया कि 31 मार्च से 5 अप्रैल के बीच अलग-अलग दिनों में कैप्सूल से गैस निकाली गई। सबसे बड़ा सवाल यह रहा कि ट्रकों का वजन समय पर क्यों नहीं कराया गया, जिससे गड़बड़ी छिपाई जा सके।

कालाबाजारी और फर्जी रिकॉर्ड का खुलासा

जांच में यह भी सामने आया कि अप्रैल महीने में केवल 47 टन गैस की वैध खरीद दिखाई गई, जबकि 107 टन की बिक्री दर्ज की गई। यानी लगभग 60 टन गैस बिना किसी वैध रिकॉर्ड के बेची गई, पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने दस्तावेज गायब करने, एंट्री रजिस्टर हटाने और एक जैसा बयान देने की साजिश भी रची। लेकिन तकनीकी जांच और कॉल रिकॉर्ड से पूरा घोटाला उजागर हो गया।

15 दिन की जांच में खुला पूरा नेटवर्क

महासमुंद पुलिस की 40 सदस्यीय टीम ने 15 दिनों की जांच के बाद इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश किया। तकनीकी रिपोर्ट में साफ हुआ कि किसी भी कैप्सूल में लीकेज नहीं था, यानी गैस जानबूझकर निकाली गई थी।

यह भी  पढ़ें : CG News: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में अमानवीय सजा का वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज किया केस

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News
CG News: बिलासपुर के ग्रामीण इलाकों में एक भी आयरन और फ्लोराइड रिमूवल प्लांट नहीं, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा गंभीर खतरा CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना में बढ़ाई मुआवजे की राशि, 17.40 लाख से बढ़ाकर 24.39 लाख रुपए करने का दिया आदेश CG News: छत्तीसगढ़ में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को लेकर चर्चाएं तेज, विधानसभा सीटें 90 से बढ़कर 135 होने की संभावना CG News: दुर्ग के स्टील प्लांट में पिघला लोहा गिरने से ठेकेदार की मौत, 1500 डिग्री तापमान की चपेट में आने से झुलसे CG News: बिलासपुर में गुपचुप खाने के बाद एक ही परिवार के सात सदस्य फूड पॉइजनिंग का शिकार, सिम्स अस्पताल में चल रहा इलाज CG News: छत्तीसगढ़ के 30 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता अटकी, 23 अक्टूबर तक कमियां दूर करने का निर्देश
Circuit not found — Panel21
404 · OPEN CIRCUIT

Nothing wired to this address.

The page you asked for isn't on the panel. Head back to the main bus.

Return home