CG News: छत्तीसगढ़ में चिल्हर का संकट, बाजार में 20 करोड़ रुपए के छोटे नोटों की कमी
CG News: डिजिटल भुगतान और यूपीआई ट्रांजेक्शन के बढ़ते चलन के बावजूद छत्तीसगढ़ के बाजारों में छुट्टे पैसों यानी चिल्हर की भारी कमी देखने को मिल रही है। लगभग हर दुकान पर क्यूआर कोड उपलब्ध होने के बावजूद छोटे मूल्य के लेन-देन के लिए नकदी की जरूरत बनी हुई है, जिससे व्यापारी और ग्राहक दोनों परेशान हैं।
बाजार में 20 करोड़ रुपए की चिल्हर की कमी
व्यापारिक संगठनों के अनुसार प्रदेश में करीब 20 करोड़ रुपए के छोटे नोटों और सिक्कों की कमी है। स्थिति को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) रायपुर कार्यालय ने अपने नागपुर मुख्यालय से अतिरिक्त चिल्हर उपलब्ध कराने की मांग की है। मांग पूरी होने के बाद प्रदेश के बैंकों को छोटे नोटों और सिक्कों की अतिरिक्त आपूर्ति मिल सकती है।
5, 10 और 20 रुपए के नोटों की सबसे ज्यादा कमी
व्यापारियों का कहना है कि बाजार में विशेष रूप से 5, 10 और 20 रुपए के नोटों की भारी कमी महसूस की जा रही है। इसका असर सबसे ज्यादा किराना दुकानों, मेडिकल स्टोर्स, फल-सब्जी विक्रेताओं, चाय-नाश्ता केंद्रों और परिवहन सेवाओं पर पड़ रहा है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में छोटे लेन-देन होते हैं।
‘लोकल फॉर वोकल’ से बढ़ी नकदी की मांग
व्यापारियों के मुताबिक डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ने के बाद छोटे नोटों की आपूर्ति में कमी आई है। वहीं दूसरी ओर ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान और छोटे कारोबारों के विस्तार के कारण रेहड़ी, ठेला, फुटपाथ दुकानदारों और ग्रामीण बाजारों में नकदी की मांग लगातार बढ़ रही है। कई ग्राहक अब भी छोटी खरीदारी के लिए नकद भुगतान को प्राथमिकता देते हैं।
व्यापारियों ने RBI से की मुलाकात
चिल्हर संकट को लेकर व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों ने आरबीआई के क्षेत्रीय महाप्रबंधक से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। व्यापारियों ने प्रदेश में छोटे नोटों और सिक्कों की तत्काल अतिरिक्त आपूर्ति की मांग की है। बताया जा रहा है कि नागपुर मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद बैंकों को अतिरिक्त चिल्हर उपलब्ध कराया जाएगा।
जल्द मिल सकती है राहत
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी के अनुसार बाजार में लगभग 20 करोड़ रुपए के चिल्हर की कमी है। इस संबंध में आरबीआई रायपुर को ज्ञापन सौंपा गया था और अब नागपुर मुख्यालय के माध्यम से अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।, यदि आरबीआई की ओर से अतिरिक्त छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध कराए जाते हैं तो इससे प्रदेश के लाखों छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही दैनिक लेन-देन में आने वाली परेशानियां भी काफी हद तक कम हो सकेंगी।