CG News: छत्तीसगढ़ में RTE के तहत बढ़ेगी प्रतिपूर्ति राशि, फीस तय करने के लिए बनेगी कमेटी
CG News: छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले RTE छात्रों को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि की समीक्षा शुरू कर दी है। इसके लिए स्कूल शिक्षा सचिव ने लोक शिक्षण संचालनालय को एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।
कमेटी तय करेगी नई प्रतिपूर्ति राशि
सरकार द्वारा गठित की जाने वाली कमेटी निजी स्कूलों को मिलने वाली फीस प्रतिपूर्ति की नई दरों का निर्धारण करेगी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बढ़ी हुई राशि का लाभ निजी स्कूलों को किस शैक्षणिक सत्र से मिलेगा।
RTE के तहत 25% सीटें आरक्षित
RTE अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं। इन छात्रों की पढ़ाई का खर्च सरकार निजी स्कूलों को प्रतिपूर्ति के रूप में देती है।
अब तक मिलते रहे 7 हजार रुपये
RTE लागू होने के बाद से अब तक प्रति छात्र निजी स्कूलों को 7 हजार रुपये प्रतिवर्ष की प्रतिपूर्ति राशि दी जा रही है। निजी स्कूल संगठन लंबे समय से इस राशि को बढ़ाने की मांग कर रहे थे, क्योंकि वर्तमान राशि को वे अपर्याप्त बता रहे थे।
निजी स्कूलों ने चलाया था असहयोग आंदोलन
प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को लेकर निजी स्कूल संघ मार्च 2026 से असहयोग आंदोलन पर था। संघ ने चेतावनी दी थी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो शैक्षणिक सत्र 2026-27 में RTE के तहत आरक्षित सीटों पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
कमेटी गठन के बाद आंदोलन वापस
सरकार द्वारा कमेटी बनाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद निजी स्कूलों ने अपना असहयोग आंदोलन वापस ले लिया है। इसके साथ ही RTE के तहत प्रवेश प्रक्रिया को भी सामान्य रूप से जारी रखा गया है, RTE के पहले चरण की लॉटरी में चयनित छात्रों के प्रवेश पूरे होने के बाद अब दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक विवादों के बाद अब निजी स्कूलों ने छात्रहित को देखते हुए प्रवेश देना शुरू कर दिया है।