CG News: बिलासपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला, ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर रिटायर्ड प्रोफेसर से 1.04 करोड़ रुपए ऐंठे
CG News: बिलासपुर में साइबर अपराधियों ने एक रिटायर्ड महिला प्रोफेसर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 7 दिनों तक मानसिक रूप से बंधक बनाए रखा और उनसे 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए ठग लिए।
व्हाट्सऐप वीडियो कॉल से शुरू हुआ जाल
20 अप्रैल को प्रोफेसर के व्हाट्सऐप पर एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी (PSI) बताया और महिला पर आतंकवादी संगठन को फंडिंग करने का आरोप लगाया।
फर्जी नोटिस और वारंट से बनाया दबाव
ठगों ने सुप्रीम कोर्ट और प्रवर्तन निदेशालय के नाम से फर्जी नोटिस और वारंट भेजकर महिला को डरा दिया। उन्हें यह भी कहा गया कि उनका फोन टैप हो रहा है और किसी को बताने पर परिवार को जेल भेज दिया जाएगा।
7 दिनों तक घर में कैद जैसी स्थिति
डर के कारण महिला 7 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलीं और लगातार ठगों के संपर्क में रहीं। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग तारीखों में चार खातों में कुल 1.04 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए, ठगों ने बाद में केस खत्म करने के लिए 50 लाख रुपए और मांगे। पैसे खत्म होने पर महिला ने अपने बेटे को कॉल किया, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ।
बेटे की सूझबूझ से खुला राज
मुंबई में रहने वाले बेटे को संदेह हुआ और वह तुरंत बिलासपुर पहुंचा। पूछताछ के बाद साइबर ठगी का खुलासा हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, रेंज साइबर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IT एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बढ़ रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामले
पुलिस के अनुसार, हाल के महीनों में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों में 30-40% तक बढ़ोतरी हुई है। खासतौर पर बुजुर्ग, रिटायर्ड कर्मचारी और कारोबारी इस तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार बन रहे हैं।
सावधानी ही सुरक्षा (Awareness Box)
• अनजान वीडियो कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें
• किसी भी सरकारी एजेंसी का नोटिस हमेशा ऑफिशियल माध्यम से ही आता है
• डर या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें
• तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें