CG News : बलरामपुर में अवैध रेत परिवहन रोकने गए आरक्षक की हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

CG News : बलरामपुर में अवैध रेत परिवहन रोकने गए आरक्षक की हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

CG News : बलरामपुर में अवैध रेत परिवहन रोकने गए आरक्षक की हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

CG News : बलरामपुर जिले के सनावल थाना क्षेत्र में रेत के अवैध खनन और परिवहन को रोकने गए आरक्षक शिव बचन सिंह की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को झारखंड के गढ़वा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो ट्रैक्टर भी जब्त किए हैं। वहीं, अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।

घटना 12 मई 2025 की रात करीब 11 बजे की है जब पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम कनहर नदी किनारे अवैध खनन की सूचना पर पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान भाग रहे एक ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश में आरक्षक को बेरहमी से कुचल दिया गया। गंभीर रूप से घायल आरक्षक की मौत रामानुजगंज ले जाते समय हो गई।

पुलिस ने आरोपियों पर हत्या, साजिश, गैरकानूनी उत्खनन और वन अधिनियम व खनिज अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आरीफूल हक, जमील अंसारी, शकील अंसारी और अकबर अंसारी शामिल हैं—all झारखंड के गढ़वा जिले के निवासी।

 

हाईकोर्ट की सख्ती

इस गंभीर घटना पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए DGP, खनिज सचिव और वन विभाग को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि “अवैध खनन पर रोक के निर्देश के बावजूद इस तरह की घटना राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है।”

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस और प्रशासन अब रेत तस्करों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई में जुट गया है।

पुलिस पर संरक्षण के आरोप

इस मामले में सरगुजा रेंज के IG  दीपक कुमार झा ने सनावल थाना प्रभारी दिव्य कांत पांडेय को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि पुलिस को पहले ही ग्रामीणों ने अवैध रेत खनन की शिकायत दी थी और कुछ ट्रैक्टरों को पकड़ा गया था, जिन्हें अगले ही दिन कथित राजनीतिक दबाव में छोड़ दिया गया।

 

कृषि मंत्री के क्षेत्र में खनन माफिया सक्रिय

यह पूरा इलाका प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम का गृहक्षेत्र है। आरोप लग रहे हैं कि रेत तस्करी में उनके समर्थक भी सक्रिय हैं। घटना के तीन दिन बाद मंत्री नेताम की ओर से बयान जारी कर आरक्षक को “परिवार का सदस्य” बताया गया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

 

अब झारखंड के तस्कर सक्रिय

बलरामपुर का सरहदी इलाका पिछले 15 वर्षों से रेत तस्करी का केंद्र बना हुआ है। पहले उत्तरप्रदेश को अवैध रूप से रेत भेजी जाती थी, अब झारखंड के तस्कर भी इस अवैध कारोबार में शामिल हो गए हैं। गढ़वा जिले में छत्तीसगढ़ की रेत से बनाए गए रेत के पहाड़ देखे जा सकते हैं।

 

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