CG News: बस्तर में आस्था और परंपरा को लेकर विवाद, पूजा स्थल और मुरिया दरबार नाम पर उठे सवाल
CG News: विश्व आदिवासी दिवस से पहले बस्तर में आदिवासी समाज और प्रशासन के बीच विवाद सामने आया है, कलेक्ट्रेट में आयोजित तैयारी बैठक में देवस्थल पर पूजा की अनुमति नहीं मिलने से समाज के प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई और बैठक का बहिष्कार कर दिया, जिससे माहौल गरमा गया.

देवस्थल पूजा की अनुमति को लेकर बढ़ा विवाद
आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि बस्तर में किसी भी बड़े सामाजिक और धार्मिक आयोजन की शुरुआत पारंपरिक देवस्थल पर पूजा के साथ होती है, उन्होंने सीमित संख्या में समाज प्रमुखों और पुजारियों को पूजा की अनुमति देने की मांग रखी, लेकिन सहमति नहीं बन सकी.
जमीन विवाद से जुड़ा है पूरा मामला
प्रतापगंज पारा स्थित देवस्थल को लेकर विवाद पहले से चला आ रहा है, समाज के एक वर्ग का दावा है कि यह स्थान उनकी परंपरा से जुड़ा हुआ है, वहीं जमीन आवंटन को लेकर भी लंबे समय से विवाद जारी है, अब मामले पर प्रशासन और समाज की नजर बनी हुई है.
मुरिया दरबार के नाम को लेकर भी उठे सवाल
बस्तर दशहरा 2026 के कार्यक्रम कार्ड में मुरिया दरबार की जगह आम दरबार लिखे जाने पर आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई है, समाज का कहना है कि मुरिया दरबार बस्तर की ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा है और नाम में बदलाव सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विषय है.
प्रशासन से सुधार की मांग कर रहा समाज
आदिवासी समाज ने पूजा स्थल और बस्तर दशहरा कार्यक्रम से जुड़े विषयों पर सुधार की मांग की है, वहीं प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर समाधान निकाला जाएगा, फिलहाल इस मामले को लेकर चर्चा जारी है.