CG News: सीएम के निर्देश भी बेअसर, पाइपलाइन बिछी पर पानी नहीं, बैगा आदिवासी मीलों दूर से ला रहे पानी

CG News: सीएम के निर्देश भी बेअसर, पाइपलाइन बिछी पर पानी नहीं, बैगा आदिवासी मीलों दूर से ला रहे पानी

CG News: सीएम के निर्देश भी बेअसर, पाइपलाइन बिछी पर पानी नहीं, बैगा आदिवासी मीलों दूर से ला रहे पानी

CG News: केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ के दावे जमीनी स्तर पर कई जगह सवालों के घेरे में हैं। इसका ताजा उदाहरण गौरेला विकासखंड की ग्राम पंचायत चुकतीपानी में देखने को मिल रहा है, जहां आज भी बैगा आदिवासी समुदाय पानी के लिए संघर्ष कर रहा है।

सूखे नल, खाली पाइपलाइन

गांव के बाजारडाड़ इलाके में नल तो लगाए गए, पाइपलाइन भी बिछाई गई, लेकिन उनमें आज तक पानी नहीं पहुंचा। हालत यह है कि लोगों को पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।

सीएम की फटकार भी बेअसर

मई 2025 में आयोजित जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्या सीधे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने रखी थी। मुख्यमंत्री ने मौके पर अधिकारियों को फटकार लगाकर जल्द समाधान के निर्देश दिए थे, लेकिन एक साल बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

भौगोलिक चुनौती या विभागीय लापरवाही?

चुकतीपानी मैकल पर्वत की तराई में बसा है, जहां भूजल स्तर पहले से ही कम है। ग्रामीणों का आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने बिना उचित सर्वे के बोरिंग कर दी।
• पर्याप्त गहराई तक बोरिंग नहीं की गई
• एक ही जगह कई हैंडपंप लगाए गए
• गर्मी आते ही सभी स्रोत सूख गए

ग्रामीणों का दर्द

बैगा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सीता राम बैगा और स्थानीय प्रतिनिधि प्रेम लाल बैगा के मुताबिक, ‘अमानानाला’ से लिफ्ट सिस्टम के जरिए पानी लाने का वादा किया गया था। पाइपलाइन बिछी, लेकिन पानी कभी नहीं आया, आज हालात ऐसे हैं कि इंसानों के साथ-साथ मवेशियों के लिए भी पानी जुटाना मुश्किल हो गया है।

विभाग ने झाड़ा पल्ला

इस मामले पर PHE विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फरवरी 2026 में परियोजना पंचायत को सौंप दी गई थी। अब रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। हालांकि, विभाग ने कुछ कमियां स्वीकार करते हुए उन्हें सुधारने का आश्वासन दिया है।

सबसे बड़ा सवाल

जब नल और पाइपलाइन में पानी ही नहीं है, तो पंचायत इन अधूरे ढांचों का क्या करेगी, यह मामला विशेष रूप से गंभीर इसलिए भी है क्योंकि बैगा जनजाति एक संरक्षित और संवेदनशील आदिवासी समुदाय है। ऐसे में बुनियादी सुविधाओं की कमी सरकार की योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है।

यह भी पढ़ें : CG News: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अंदरूनी हलचल तेज, कई प्रवक्ता सोशल मीडिया ग्रुप से हटाए गए

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Circuit not found — Panel21
404 · OPEN CIRCUIT

Nothing wired to this address.

The page you asked for isn't on the panel. Head back to the main bus.

Return home