CG News: उधारी के डेढ़ करोड़ की वसूली के लिए व्यापारी की दंडवत यात्रा, रथ पर लगाए देनदारों के फोटो
रायगढ़ में कोसा साड़ी के एक थोक व्यापारी ने बाजार में फंसी करीब 1.5 करोड़ रुपए की रकम वापस पाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। भुगतान नहीं मिलने से परेशान व्यापारी ने दंडवत रथ यात्रा शुरू की है। रथ में मां काली की तस्वीर के साथ उन व्यापारियों के फोटो भी लगाए गए हैं, जिन पर बकाया राशि होने का दावा किया गया है।
व्यापारी अपनी पत्नी और परिवार के साथ मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना कर रहा है और देवी से बकाया रकम दिलाने की प्रार्थना कर रहा है।
“मां काली ने सपने में दिया संकेत”
कोतरा रोड क्षेत्र निवासी 36 वर्षीय मनोज देवांगन का कहना है कि वह पिछले 10–12 वर्षों से कोसा साड़ियों का थोक कारोबार कर रहे हैं। उनके मुताबिक, करीब 100 व्यापारी उनसे नकद और उधार में माल लेते हैं, लेकिन रायगढ़ के छह व्यापारियों पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए बकाया हैं।
मनोज का दावा है कि जब उन्होंने बार-बार भुगतान की मांग की तो उन्हें टालमटोल जवाब मिला। उन्होंने यह भी कहा कि एक बार मंदिर में प्रार्थना करने के बाद मां काली सपने में आईं और एक विशेष संकल्प लेकर दंडवत यात्रा करने का संकेत दिया। इसी विश्वास के आधार पर वे अलग-अलग देवी मंदिरों में जाकर दंडवत कर रहे हैं।
आर्थिक संकट और परिवार की परेशानी
व्यापारी ने बताया कि भारी रकम फंसने से उनका कारोबार प्रभावित हुआ है। बैंक लोन और ब्याज का दबाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ समय पहले उनके पिता को हार्ट अटैक आया था, जिसके इलाज के लिए भी उन्हें आर्थिक कठिनाई झेलनी पड़ी।
थाने में शिकायत, लेकिन FIR नहीं
मनोज देवांगन का आरोप है कि उन्होंने सिटी कोतवाली थाने में आवेदन दिया, लेकिन इसे व्यापारिक लेन-देन का मामला बताते हुए एफआईआर दर्ज नहीं की गई। कुछ देनदारों को कानूनी नोटिस भी भेजा गया, लेकिन कथित तौर पर नोटिस स्वीकार नहीं किया गया।
अब वे अपने पिता के साथ पुलिस अधीक्षक से मिलकर औपचारिक शिकायत करने की तैयारी में हैं।
रथ बना चर्चा का विषय
व्यापारी द्वारा निकाली जा रही दंडवत रथ यात्रा शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। रथ में मां काली का दरबार सजाया गया है और कथित देनदारों की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। मनोज का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि न्याय मिलेगा और उनका बकाया धन वापस आएगा।