CG News: कांकेर के गांव में कुत्तों के आतंक पर सख्ती, काटने पर मालिक से वसूला जाएगा 5 हजार रुपये जुर्माना

CG News: कांकेर के गांव में कुत्तों के आतंक पर सख्ती, काटने पर मालिक से वसूला जाएगा 5 हजार रुपये जुर्माना

CG News: कांकेर के गांव में कुत्तों के आतंक पर सख्ती, काटने पर मालिक से वसूला जाएगा 5 हजार रुपये जुर्माना

CG News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में कुत्तों के बढ़ते हमलों से परेशान ग्रामीणों ने अनोखा फैसला लिया है. लगातार लोगों के घायल होने के बाद गांव की बैठक में तय किया गया कि यदि किसी पालतू कुत्ते ने किसी व्यक्ति को काटा या नुकसान पहुंचाया, तो उसके मालिक से 5 हजार रुपये का अर्थदंड लिया जाएगा. इस निर्णय का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पशु मालिकों को जिम्मेदार बनाना है.

लगातार सामने आ रहे कुत्ता काटने के मामले

बागोड़ गांव में पिछले कुछ महीनों के दौरान कुत्तों के काटने की कई घटनाएं सामने आई हैं. ग्रामीणों के अनुसार अब तक 4 से 5 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं. हाल ही में एक 8 वर्षीय बच्ची और एक महिला को भी पालतू कुत्ते ने काट लिया. इससे पहले एक बुजुर्ग, एक 10 वर्षीय बालक और एक अन्य बच्चे के साथ भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं.

आवारा और पालतू कुत्तों से बढ़ी चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आवारा और पालतू दोनों तरह के कुत्तों का आतंक बढ़ गया है. कुछ दिन पहले एक रेबीज संक्रमित कुत्ते द्वारा लोगों को काटने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी. बच्चों और राहगीरों में डर का माहौल बना हुआ है.

गांव की बैठक में लिया गया अहम निर्णय

लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए गांव में बैठक आयोजित की गई. बैठक में तय किया गया कि जिन लोगों ने कुत्ते पाल रखे हैं, वे उन्हें सुरक्षित तरीके से घर में रखें. यदि किसी पालतू कुत्ते ने किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाया, तो उसके मालिक पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

वैक्सीनेशन पर भी दिया गया जोर

ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से गांव में विशेष शिविर लगाने की मांग की. इसके बाद गांव में कुछ कुत्तों का वैक्सीनेशन किया गया, लेकिन अभी भी कई पालतू कुत्तों का टीकाकरण नहीं हो पाया है. ग्रामीणों ने सभी पशु मालिकों से समय पर वैक्सीन लगवाने और अपने पालतू कुत्तों की जिम्मेदारी निभाने की अपील की है, ग्रामीणों का मानना है कि इस फैसले से पशु मालिक अधिक जिम्मेदार बनेंगे और भविष्य में कुत्तों के हमलों की घटनाओं में कमी आएगी. साथ ही गांव में लोगों की सुरक्षा और जागरूकता दोनों को बढ़ावा मिलेगा.

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