CG News: छत्तीसगढ़ में अनोखी परम्परा, कलश विसर्जन के लिए रोकी गईं भारतीय रेलवे
CG News: छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ जिले में रियासत काल से चली आ रही परम्परा आज भी प्रचलित है, इस परम्परा में नवरात्री के समय 901 ज्योति कलशों का विसर्जन किया जाता है और इसमें कोई रूकावट न आए इसलिए रास्ते में पड़ने वाले रेल खंड में मेगा ब्लॉक रहता है |
डोंगरगढ़ की परम्परा
डोंगरगढ़ की यह परम्परा धार्मिक होने के साथ-साथ अनोखी भी है, क्योंकि इस परम्परा में 901 ज्योति कलशों का विसर्जन किया जाता है, ये विसर्जन यात्रा मंदिर से शुरू होकर छिन्नमस्तिका मंदिर से होते हुए शीतला मंदिर तक जाती है , जहां मां शीतला और मां बमलेश्वरी की माई ज्योत इकट्ठा की जाती है, इसके बाद इस कलशों को महावीर तालाब में विसर्जित किया जाता है |
इस परम्परा की सबसे अनोखी और ऐतिहासिक बात यह है कि,इस विसर्जन यात्रा में रास्ते में मुंबई-हावड़ा की मुख्य रेल लाइन आती है, जो विसर्जन यात्रा के समय ब्लॉक कर दी जाती है और लगभग तीन से चार घंटे यह रेलखंड बंद रहता है |
इस नियम का कारण यह है कि, खैरागढ़ के शासक ने ब्रिटिश सरकार और बंगाल-नागपुर रेलवे के साथ एक समझौता किया था, ये समझौता रेल लाइन निर्माण को लेकर था और इस रेल लाइन में डोंगरगढ़ का भी उल्लेख था, चूँकि विसर्जन की परम्परा सदियों से चली आ रही है इसलिए खैरागढ़ के राजा ने जमीन देने के साथ यह शर्त रखी कि, नवरात्र के समय जब विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी, उस समय यह रेलखंड ब्लॉक रहेगा और तब से लेकर आज तक यह परम्परा वैसे हीं जीवित है जो कि, न सिर्फ धार्मिक आयोजन का बल्कि इतिहास ,परम्परा और आस्था का भी अनूठा संगम है |