CG News: आखिर क्या है,रावण वध की मान्यता ?

CG News: आखिर क्या है,रावण वध की मान्यता ?

CG News: आखिर क्या है,रावण वध की मान्यता ?

CG News: हम बात कर रहें हैं, छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले की, जहां दशहरे पर पूरे देश में रावण दहन की परम्परा है, वहीं कोंडागांव के भूमका और हिर्री गाँव में रावण वध की परम्परा है, आइए जानते हैं,आखिर क्या है, रावण वध ?

रावण वध की विधि 

भूमका और हिर्री गाँव में रावण का पुतला मिट्टी से बनाने की परम्परा है, यहाँ मिट्टी का विशालकाय रावण बनाकर उसका वध किया जाता है और यहाँ मिट्टी के रावण की नाभि से अमृत निकालने की परम्परा प्रचलित है, इसमें रामलीला की प्रस्तुति के बाद रावण वध की प्रक्रिया शुरू की जाती है , जिसमें मिट्टी के रावण की नाभि से कृत्रिम रक्त या अमृत निकाला जाता है, जिसे वहाँ के ग्रामीण माथे पर तिलक लगाते हैं |

मान्यता की वजह

ग्रामीणों ने इस बारे में बताया कि, इसके पीछे कोई ऐतिहासिक मान्यता नहीं है बल्कि यह स्थानीय मान्यताओं ,आस्थाओं और प्राचीन संस्कृति पर आधारित है, ये परम्परा पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही है और इसकी मान्यता यह है कि, मिट्टी के रावण की नाभि से निकले रक्त या अमृत का तिलक लगाने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है |
इस अनोखी परम्परा की चर्चा हर जगह हो रही है और आसपास के लोग इस अनोखी परम्परा को देखने के लिए उत्सुक हैं |

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