Chhattisgarh News : 113 दिन से आंदोलनरत बर्खास्त B.Ed शिक्षक बोले – या सेवा सुरक्षा दो, या इच्छा मृत्यु
Chhattisgarh News : राज्य में बर्खास्त किए गए B.Ed सहायक शिक्षक बीते 113 दिनों से समायोजन (एडजस्टमेंट) की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। शनिवार की रात रायपुर के धरना स्थल पर शिक्षकों ने अंगारों पर चलकर विरोध प्रदर्शन किया। यह दृश्य एक भावनात्मक आक्रोश का प्रतीक बन गया, जहां शिक्षक सरकार से गुहार कर रहे थे – “या तो सेवा सुरक्षा दीजिए, या हमें इच्छा मृत्यु।”
“अग्नि परीक्षा” में शिक्षकों की पीड़ा
प्रदर्शन के दौरान महिला शिक्षिकाओं ने सीता माता के सतयुग की अग्नि परीक्षा का ज़िक्र करते हुए कहा,“जैसे सीता माता को अपनी सत्यता सिद्ध करने अग्नि परीक्षा देनी पड़ी थी, वैसे ही हमें आज अंगारों पर चलकर अपनी सत्यता साबित करनी पड़ रही है।”हाथों में तख्तियां लिए शिक्षक सरकार से सवाल कर रहे थे —”हम निर्दोष हैं, फिर हमारी गलती क्या थी?”
“हम गलत कदम उठाने पर मजबूर हैं” – शिक्षिका
एक महिला शिक्षक ने कहा, “हमारी हालत ऐसी है कि अब कुछ भी कर सकते हैं। सरकार हमारी सुध नहीं ले रही। अगर कुछ गलत हुआ तो उसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।”
सवालों के घेरे में सरकार
प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि 3 जनवरी 2025 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी की बैठक 4 अप्रैल को प्रस्तावित थी, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक सूचना या निर्णय नहीं आया। यह चुप्पी शिक्षकों के भीतर और आक्रोश भर रही है।
रोज़गार से बढ़कर आत्म-सम्मान की लड़ाई
यह संघर्ष सिर्फ नौकरी की नहीं, आत्म-सम्मान, अस्तित्व और न्याय की लड़ाई बन चुका है। जब लोकतंत्र में शिक्षकों को न्याय के लिए अंगारों पर चलना पड़े, तो सवाल सिर्फ सरकार से नहीं — पूरे सिस्टम से पूछा जाना चाहिए “आख़िर न्याय के लिए कब तक जलते रहेंगे ये अंगारे?”