CG News : प्रोपराइटर की मौत के बाद भी चल रहा निजी अस्पताल, दो सरकारी डॉक्टरों की मिलीभगत का खुलासा
CG News : जहां एक ओर बस्तर में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है, वहीं निजी अस्पताल इलाज के नाम पर खुली लूट में लगे हैं। ऐसे ही एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है, जहां एक निजी अस्पताल का संचालन उसके प्रोपराइटर की मौत के बाद भी नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है — और वह भी दो सरकारी डॉक्टरों की मिलीभगत से।
प्रोपराइटर की मौत, फिर भी जारी अस्पताल का संचालन
बात हो रही है दलपत सागर वार्ड स्थित मां दंतेश्वरी ट्रामा एंड क्रिटिकल केयर सेंटर की, जिसके प्रोपराइटर डॉ. जया कुमार रविचंद्र का निधन हार्ट अटैक से हो चुका है। इसके बावजूद अस्पताल बिना किसी डिग्रीधारी डॉक्टर के धड़ल्ले से चलाया जा रहा है।
हालांकि दस्तावेजों में दीपक बर्मन का नाम सह-पार्टनर के रूप में दर्ज है, लेकिन उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उनके पास चिकित्सकीय संचालन की कोई पात्रता नहीं है।
दो सरकारी डॉक्टरों की मिलीभगत
खुलासे में यह भी सामने आया है कि सरकारी अस्पताल में पदस्थ दो डॉक्टर इस निजी अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से एक डॉक्टर ने अपनी पत्नी और दूसरे ने अपने बेटे के नाम पर अस्पताल में पार्टनरशिप कर रखी है। लेकिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय को इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गई है।इससे स्पष्ट है कि स्वास्थ्य विभाग को धोखे में रखकर यह अवैध संचालन हो रहा है।
CMHO डॉ. संजय बसाक ने क्या कहा?
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने स्पष्ट किया कि—”नियम के अनुसार मृत व्यक्ति के नाम से अस्पताल नहीं चलाया जा सकता। अस्पताल का लाइसेंस डॉ. जया कुमार रविचंद्र के नाम पर जारी हुआ था। उनकी मृत्यु के बाद संचालन के लिए नया आवेदन और दस्तावेज अनिवार्य होते हैं, लेकिन अब तक कोई फॉर्मल प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।