MP News : लांजी क्षेत्र में विवाद के बाद सामाजिक बहिष्कार, 10 मुस्लिम परिवार गांव से अलग-थलग

MP News : लांजी क्षेत्र में विवाद के बाद सामाजिक बहिष्कार, 10 मुस्लिम परिवार गांव से अलग-थलग

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के लांजी इलाके में दो गांवों में उपजे विवाद के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। घोटी और नंदोरा गांवों में रहने वाले करीब दस मुस्लिम परिवारों को सामाजिक रूप से अलग करने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों ने इस फैसले की जानकारी कोटवार के जरिए मुनादी कर गांव भर में फैलाई है।

बताया जा रहा है कि यह स्थिति 27 और 28 जनवरी को लांजी थाना क्षेत्र में आयोजित एक हिंदू सम्मेलन के बाद उत्पन्न हुई, जिसमें हुए विवाद ने बाद में सामाजिक बहिष्कार का रूप ले लिया।

काम-काज और रोज़गार पर सीधा असर

सामाजिक बहिष्कार का सबसे बड़ा असर मुस्लिम परिवारों की आजीविका पर देखने को मिल रहा है। गांव में स्कूल बस चलाने का काम करने वाले आसिफ हुसैन को नौकरी से हटा दिया गया है। वहीं, पेशे से इलेक्ट्रिशियन सादिक हुसैन को अब कोई काम नहीं दिया जा रहा।

इसके अलावा, किराना और मांस-मटन की दुकानें संचालित करने वाले मुस्लिम व्यापारियों से ग्रामीणों ने खरीदारी पूरी तरह बंद कर दी है, जिससे उनके सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

पूर्व विधायक का आरोप – प्रशासन निष्क्रिय

लांजी के पूर्व विधायक किशोर समरीते ने इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए कहा कि एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन और पुलिस की ओर से हालात सामान्य करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

मुस्लिम परिवारों का कहना है कि मौजूदा हालात ने उन्हें कोरोना काल के लॉकडाउन की कठिन परिस्थितियों की याद दिला दी है, जब रोजगार पूरी तरह ठप हो गया था।

पहले भी विवादों में रहे हैं दोनों गांव

गौरतलब है कि घोटी और नंदोरा गांव बीते कुछ समय से गोहत्या और गोमांस से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। जनवरी में हुए सम्मेलन के दौरान मुस्लिम समुदाय की ओर से आरोप लगाए गए थे कि मंच से आए साधु-संतों ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए। इसी मुद्दे पर सम्मेलन स्थल पर विरोध हुआ और दो समुदायों के बीच तीखी बहस भी हुई थी।

ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर लांजी पुलिस ने इस मामले में दस लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद ही गांव में सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया गया।

जांच और फ्लैग मार्च की मांग

पूर्व विधायक किशोर समरीते ने इस मामले को गंभीर बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय से इसकी निष्पक्ष जांच कराने और दोनों गांवों में पुलिस फ्लैग मार्च कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी संवेदनशील घटना के बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि खुफिया एजेंसियों की चुप्पी, साथ ही कुछ जनप्रतिनिधियों का मौन या समर्थन, स्थिति को और गंभीर बना रहा है। समरीते ने गांव में कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषण दिए जाने का भी आरोप लगाया है।

यह भी पढ़ें : CG News : वीडियो कॉल पर युवती को निर्वस्त्र कर रिकॉर्डिंग, फिर ब्लैकमेलिंग

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Circuit not found — Panel21
404 · OPEN CIRCUIT

Nothing wired to this address.

The page you asked for isn't on the panel. Head back to the main bus.

Return home