CG News: छत्तीसगढ़ के सक्ती में वेदांता प्लांट हादसा, 20 मजदूरों की मौत, जांच में प्रबंधन की बड़ी लापरवाही उजागर
CG News: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों का इलाज रायगढ़ और रायपुर के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।
जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
हादसे के 24 घंटे बाद औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। शुरुआती रिपोर्ट में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। बताया गया है कि प्रोडक्शन बढ़ाने की जल्दबाजी में बॉयलर पर अचानक अधिक लोड डाल दिया गया, जिससे फर्नेस प्रेशर तेजी से बढ़ा और विस्फोट हो गया।
कैसे हुआ हादसा?
14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे 2028 TPH क्षमता वाले बॉयलर में अचानक दबाव बढ़ गया। लोड को 350 मेगावाट से बढ़ाकर करीब 590 मेगावाट कर दिया गया, जो बेहद खतरनाक साबित हुआ। ईंधन और हवा का संतुलन बिगड़ने से सिस्टम अस्थिर हो गया और कुछ ही सेकेंड में ब्लास्ट हो गया।
तकनीकी खामियां भी आई सामने
जांच में यह भी सामने आया कि पीए फैन में बार-बार खराबी आ रही थी, पाइपिंग सिस्टम फेल हुआ और बैकअप सिस्टम भी समय पर काम नहीं कर पाया। इन सभी कारणों ने हादसे को और भयावह बना दिया।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें हादसे की वजह, जिम्मेदार लोगों की पहचान और भविष्य के लिए सुझाव शामिल होंगे।
मुआवजे का ऐलान
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए और नौकरी देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे, वहीं PMNRF से मृतकों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार, तथा राज्य सरकार की ओर से मृतकों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया गया है।
राजनीतिक हलचल तेज
इस हादसे के बाद राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन घायलों से मुलाकात करेंगे, वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की है।