CG News: दुर्ग में “लव जिहाद” का सनसनीखेज मामला: आमिर सिद्दीकी गिरफ्तार10 वर्षों तक युवती के शोषण का आरोप
CG News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में “लव जिहाद” से जुड़ा एक बेहद गंभीर और हृदयविदारक मामला सामने आया है, जिसने राज्य की राजनीति और समाज में हलचल मचा दी है। इस मामले में पुलिस ने कांग्रेस के युवा नेता और युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आमिर सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। उन पर एक हिंदू युवती के साथ दस वर्षों तक दैहिक शोषण, झूठे शादी के वादे, और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
जान-पहचान से धोखे तक की कहानी
पीड़िता, जो कि एक निजी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत है, ने बताया कि उसकी जान-पहचान आमिर सिद्दीकी से कॉलेज के दिनों से थी। यह दोस्ती धीरे-धीरे गहराती गई और आमिर ने उसे शादी का प्रलोभन देकर 2015 से लेकर 2025 तक शारीरिक संबंध बनाए।
जब युवती ने शादी की बात की, तो आरोपित ने उससे धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपनाने और निकाह करने की शर्त रखी। पीड़िता ने इस मांग को अस्वीकार कर दिया। दबाव के चलते आमिर ने गायत्री मंदिर में शादी की रस्में निभाई, लेकिन बाद में इस शादी को मान्यता नहीं दी।
झूठ, गर्भावस्था और विश्वासघात
फरवरी 2022 में युवती गर्भवती हुई, तो आमिर ने शादी का झूठा वादा कर उसका गर्भपात करवा दिया। यह पीड़िता के लिए एक बड़ा भावनात्मक आघात था। हाल ही में उसे पता चला कि आमिर किसी दूसरी युवती से निकाह करने जा रहा है। जब उसने आमिर से इस पर सवाल किया और शादी का दबाव बनाया, तो आमिर ने साफ इंकार कर दिया।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
इस धोखे और वर्षों के शोषण से आहत होकर, पीड़िता ने पद्मनाभपुर थाने में आमिर सिद्दीकी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आमिर के खिलाफ धारा 376(2)(ढ) (शादी का झांसा देकर बलात्कार) और धारा 313 (बिना सहमति के गर्भपात कराना) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया।
शनिवार सुबह 10:30 बजे, आरोपित को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दुर्ग, वीरेंद्र सिंह की अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे दुर्ग सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
राजनीतिक संबंध और विवाद
गिरफ्तार आरोपी आमिर सिद्दीकी कांग्रेस के युवा मोर्चा का प्रदेश महासचिव है और उसे भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव का करीबी माना जाता है। इस राजनीतिक संबंध के कारण मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह बहस छिड़ गई है कि क्या इस प्रकार के मामलों में राजनीतिक संरक्षण की भूमिका रही है।