CG News: 2014 की दर्दनाक घटना पर कोर्ट का निर्णय, डॉक्टर आर. के. दोषी करार, 5 अन्य दोषमुक्त
CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बहुचर्चित नसबंदी कांड मामले में आखिरकार 12 साल बाद कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है, न्यायालय में प्रथम सत्र न्यायाधीश शैलेश केतारप ने सुनवाई करते हुए डॉक्टर आर के गुप्ता को दोषी ठहराया है.
गैर इरादतन हत्या का दोष सिद्ध
जांच में पाया गया कि, ऑपरेशन के दौरान लापरवाही हुई थी, जिसके चलते डॉ. गुप्ता पर गैर इरादतन हत्या का आरोप साबित हुआ, वहीं, इस मामले में अन्य 5 आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है.
क्या था पूरा मामला?
साल 2014 में सकरी स्थित नेमीचंद जैन अस्पताल में नसबंदी शिविर लगाया गया था, जिसमें 85 लोगों की नसबंदी हुई थी, इसमें से 18 लोगों की मौत हो गई, इनमें 13 महिलाएं व 5 पुरुष शामिल थे, इस घटना ने पूरे प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में सनसनी फैला दी थी.
दवा बनी मौत की वजह
जांच में सामने आया कि, “सिप्रोसीन” नामक दवा के सेवन के बाद महिलाओं की मौत हुई, यह दवा कथित रूप से दूषित पाई गई थी, जिसके कारण कई लोगों की जान चली गई, मामले में दवा बनाने वाली कंपनी महावर फार्मा और उससे जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई की गई थी, दवा सप्लाई और गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे थे.
डॉक्टर और स्टाफ पर कार्रवाई
मामले में कई डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के बयान दर्ज किए गए थे, तत्कालीन सीएमएचओ सहित कई अधिकारियों को निलंबित भी किया गया था,यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था और लापरवाही का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया था, जिसने सरकारी सिस्टम पर कई सवाल खड़े किए, अब कोर्ट के इस फैसले को पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.