CG News : छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास प्रदान

CG News : छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास प्रदान

CG News : छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास प्रदान

CG News : छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा से प्रभावित और आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों के लिए एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की गई है। पहली बार राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत इन परिवारों को घर निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह कदम न केवल सामाजिक पुनर्वास की दिशा में एक बड़ी पहल है, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास को बढ़ावा देने का भी प्रयास है।

15,000 नए आवासों का विशेष कोटा स्वीकृत

राज्य सरकार के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 15,000 नए आवासों का विशेष कोटा स्वीकृत किया है, जो विशेष रूप से उन परिवारों के लिए हैं जो नक्सल हिंसा में उजड़ चुके हैं या जिन्होंने नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस योजना के अंतर्गत पहली किश्त के रूप में 2500 परिवारों को 40-40 हजार रुपये की राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की। कुल 10 करोड़ रुपये की यह राशि वर्चुअल माध्यम से जारी की गई।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री साय ने मंत्रालय से वर्चुअल रूप से जुड़े विभिन्न जिलों के हितग्राही परिवारों से संवाद किया। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र से विशेष अनुरोध कर उन परिवारों के लिए यह आवास स्वीकृत कराए हैं जो अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना की सामान्य पात्रता में नहीं आते थे।” उन्होंने नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों से उनके हालचाल पूछे और उनके परिवार, आय और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली।

आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन का अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा, “आप लोग अच्छा मकान बनाइए, सरकार आपकी हर संभव मदद करेगी। हम चाहते हैं कि आप अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जिएं।” यह पहल न केवल उन्हें स्थायी आश्रय प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर भी देगी।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का सम्बोधन

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा, “यह दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है। राज्य में नक्सलवाद को समाप्त करने का अभियान अब अंतिम चरण में है।” उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बस्तर और आस-पास के इलाकों में शांति और विकास का नया दौर शुरू हो। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मुख्यधारा से जुड़ें और अपने जीवन को बेहतर बनाएं। शर्मा ने इस विशेष परियोजना के क्रियान्वयन में विभागीय अधिकारियों के योगदान की भी सराहना की।

सरकार का संदेश: शांति और विकास का रास्ता

इस योजना के माध्यम से सरकार यह संदेश दे रही है कि जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की ओर बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए राज्य सरकार न केवल दरवाज़े खोल रही है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम भी उठा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक केवल सामान्य ग्रामीण-शहरी गरीबों को ही लाभ मिलता था, लेकिन अब इससे पूर्व नक्सलियों और हिंसा पीड़ितों को भी जोड़कर सरकार ने एक संवेदनशील और दूरदर्शी दृष्टिकोण का परिचय दिया है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव की दिशा में कदम

यह पहल न केवल बस्तर और आसपास के जिलों में स्थायी परिवर्तन लाने की दिशा में कदम है, बल्कि यह राज्य में शांति स्थापना और समावेशी विकास की नींव भी मजबूत करेगी। राज्य सरकार का यह प्रयास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में न केवल आवास की कमी को दूर करेगा, बल्कि शांति और विकास की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

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