CG News: रायपुर रेल मंडल में रिश्वतखोरी का मामला, CBI ने सीनियर DME और बिचौलिए को पकड़ा
CG News: रायपुर रेल मंडल के पीपी यार्ड में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में पदस्थ सीनियर डीएमई अनमोल उके को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि अधिकारी ने लंबित बिलों को मंजूरी देने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की थी. मामले में सीबीआई ने एक बिचौलिए को भी गिरफ्तार किया है, जिसके जरिए रिश्वत की रकम लेने का आरोप है.
दो लाख की रिश्वत मांगी थी
सीबीआई के अनुसार 13 अगस्त को दर्ज मामले में सीनियर डीएमई पर शिकायतकर्ता से लंबित बिलों के भुगतान को मंजूरी देने के बदले 2 लाख रुपए मांगने का आरोप लगा. बातचीत के बाद अधिकारी कथित तौर पर 1 लाख रुपए लेने पर सहमत हुआ. इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपए लेने की कार्रवाई पर नजर रखी.
बिचौलिए के जरिए ली रकम
सीबीआई के मुताबिक अधिकारी के निर्देश पर बिचौलिए ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपए की रिश्वत ली. रकम स्वीकार किए जाने के बाद जांच एजेंसी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अधिकारी और बिचौलिए को पकड़ लिया. इसके बाद मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू की गई. कार्रवाई के तहत आरोपी अधिकारी के रायपुर और भिलाई स्थित आवास और कार्यालय परिसरों की भी तलाशी ली गई.
तलाशी में 77 लाख रुपए कैश मिला
तलाशी के दौरान सीबीआई को आरोपी अधिकारी के परिसरों से करीब 77 लाख रुपए नकद मिले. इसके अलावा लगभग 14 लाख रुपए मूल्य के आभूषण भी बरामद किए गए. एजेंसी अब बरामद नकदी और आभूषणों के स्रोत की जांच कर रही है. सीबीआई ने रिश्वत मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों को भी जांच के दायरे में लिया है.
चार दिन की पुलिस हिरासत
सीबीआई ने सीनियर डीएमई और बिचौलिए को 14 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय के सामने पेश किया. अदालत ने दोनों आरोपियों को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. अब जांच एजेंसी रिश्वतखोरी के पूरे नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और बरामद संपत्ति से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है.