CG News: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी हुई स्मार्ट, AI और कमांड सेंटर से हर गतिविधि पर नजर
CG News: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए मार्कफेड ने अत्याधुनिक तकनीक को अपनाया है, अब AI आधारित CCTV कैमरों और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है.
2739 खरीदी केंद्रों पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग
राज्य के कुल 2,739 धान खरीदी केंद्रों को इस डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया है, हर केंद्र पर होने वाली गतिविधियों पर रीयल-टाइम नजर रखी जा रही है, अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था देश में अपनी तरह की पहली पहल है.
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किसानों के हितों को मिली सुरक्षा
नई निगरानी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकना है, आकलन के अनुसार, केवल 1 प्रतिशत लीकेज से ही सरकार को सालाना लगभग 464 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है, जिसे यह तकनीक रोकने में सक्षम है.
पिछली गड़बड़ियों से मिली सीख
पूर्व में बालौदाबाजार, बिलासपुर और रायगढ़ जैसे जिलों में धान खरीदी से जुड़ी करोड़ों रुपये की हेराफेरी सामने आई थी, इनमें फर्जी किसान पंजीकरण, रिकॉर्ड में हेरफेर और धान चोरी जैसी गंभीर अनियमितताएं शामिल थीं.
मार्कफेड–ITI लिमिटेड की तकनीकी साझेदारी
इन समस्याओं से निपटने के लिए मार्कफेड ने ITI लिमिटेड के साथ साझेदारी की है, इस योजना के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी आईएसएस अधिकारी जितेंद्र कुमार शुक्ला की देखरेख में निभाई जा रही है.
सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व में पहल
यह हाईटेक पहल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू की गई है, जिसका उद्देश्य धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है, AI और डिजिटल निगरानी के चलते छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत, पारदर्शी और सुरक्षित बनती जा रही है.
धान से चावल तक पूरी डिजिटल ट्रैकिंग
अब धान खरीदी केंद्र से लेकर सरकार द्वारा अधिकृत राइस मिलों तक धान की आवाजाही पूरी तरह नियंत्रित और ट्रैक की जा रही है, चावल के उपयोग के अनुसार उसके परिवहन और भंडारण पर भी कड़ा नियंत्रण रखा जा रहा है.