CG News: सस्पेंडेड IPS रतन लाल डांगी के खिलाफ यौन शोषण के आरोप जांच में सही पाए गए, हाईकोर्ट को दी गई पुलिस विभाग द्वारा जानकारी
CG News: छत्तीसगढ़ के निलंबित (सस्पेंडेड) आईपीएस अधिकारी रतन लाल डांगी की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं. पुलिस विभाग में ही पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर (SI) की पत्नी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और मानसिक शोषण के आरोप शुरुआती विभागीय जांच में सही पाए गए हैं. पुलिस विभाग ने इस बात की आधिकारिक जानकारी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को सौंपी है.
शारीरिक और मानसिक शोषण का था आरोप
उल्लेखनीय है कि पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़िता का आरोप था कि आईपीएस डांगी पिछले 7 वर्षों से उसका शारीरिक और मानसिक शोषण कर रहे थे. शिकायत के बाद सरकार ने डांगी को पद से हटाते हुए निलंबित कर दिया था, हालांकि आरोपी अधिकारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था.
पीड़िता ने जताई थी निष्पक्ष जांच पर आशंका
मामले में पीड़िता ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्रारंभिक जांच के दौरान तत्कालीन जांच अधिकारियों द्वारा आरोपी अधिकारी को बचाने का प्रयास किया गया और उसका पक्ष ठीक से नहीं सुना गया. पीड़िता ने मांग की थी कि जांच किसी महिला आईएएस या वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए.
दीपांशु काबरा को नया जांच अधिकारी बनाने का प्रस्ताव
पीड़िता के आरोपों और याचिका के बाद पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से गृह सचिव को जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव भेजा गया है. हाईकोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, आईपीएस दीपांशु काबरा को नया जांच अधिकारी और आईपीएस प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है.
हाईकोर्ट की सीधी निगरानी में होगी आगे की कार्रवाई
जांच अधिकारियों को बदलने के प्रस्ताव के साथ ही अब पूरा मामला हाईकोर्ट की सीधी निगरानी में आ गया है. पीड़िता के वकील अभिषेक पांडेय ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी, जहां विभाग द्वारा प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति कोर्ट के सामने रखी जाएगी. न्यायिक और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा.