CG News: महासमुंद में पनीर फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई, 300 किलो पनीर के सैंपल जांच के लिए भेजे गए
CG News: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नकली पनीर बनाए जाने की शिकायत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. राजस्व, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने भालेसर रोड स्थित वैद्या फूड प्रोडक्ट्स फैक्ट्री में छापा मारा. करीब 3 एकड़ में संचालित इस फैक्ट्री में जांच के दौरान लगभग 300 किलो तैयार पनीर मिला, जिसके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं.
एक साल से चल रहा था कारोबार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री करीब एक साल से संचालित हो रही थी. अधिकारियों के अनुसार यहां करीब 10 से 12 कारीगर काम कर रहे थे, जो मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के रहने वाले बताए गए हैं. जांच टीम को फैक्ट्री में पनीर तैयार करने और उसे स्टोर करने की व्यवस्था भी मिली. पनीर बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह होने के बाद तैयार पनीर को जब्त कर लिया गया.
रायपुर और ओडिशा तक सप्लाई
जांच के दौरान अधिकारियों को जानकारी मिली कि फैक्ट्री में तैयार पनीर की सप्लाई रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के दूसरे जिलों और ओडिशा तक की जा रही थी. शुरुआती जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री कानपुर निवासी शोभित की बताई जा रही है. बताया गया है कि वह रायपुर के प्रकाश देवांगन के साथ मिलकर अलग-अलग इलाकों में पनीर की सप्लाई करता था.
सैंपल रिपोर्ट से होगा खुलासा
प्रशासन ने जब्त पनीर का सैंपल राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पनीर खाद्य गुणवत्ता के तय मानकों पर खरा उतरता है या नहीं. टीम ने पनीर बनाने की प्रक्रिया और इस्तेमाल होने वाली सामग्री से जुड़ी जानकारी भी जुटाई है.
23 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान
प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ 17 अगस्त से विशेष अभियान शुरू किया गया है, जो 23 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान अलग-अलग जिलों में दुकानों, होटलों और फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी और खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएंगे. जांच में मिलावट या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. वहीं फैक्ट्री संचालक शोभित सिंह ने दावा किया है कि संस्थान में नियमित जांच होती है और टीम ने रात में पहुंचकर दूध से बने पनीर की जांच की थी.