CG News: राष्ट्रीय परीक्षा विवाद पर जंतर-मंतर पहुंचे अमित जोगी, छात्रों के समर्थन में उठाई पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
CG News: राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों के विरोध में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पार्टी ने छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन का समर्थन किया, इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रही शिकायतों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
अमित जोगी ने रखी अपनी बात
अमित जोगी ने कहा कि वे वैचारिक रूप से कांग्रेस की सोच के करीब रहे हैं, लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में केवल विचारधारा के सहारे राजनीति करना पर्याप्त नहीं है, उन्होंने कहा कि आज के दौर में किसी भी राजनीतिक दल के लिए जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना और संघर्ष करना जरूरी है। बदलते राजनीतिक माहौल में दलों के सामने अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की चुनौती है।
आंदोलन में शामिल हुई पार्टी
अमित जोगी ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में कॉकरोच को स्थानीय भाषा में “झेंगुरा” कहा जाता है, उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस आंदोलन में इसी प्रतीक के साथ शामिल हुई है और इसे संघर्ष, जीवटता और विपरीत परिस्थितियों में टिके रहने की पहचान मानती है।
छात्रों के मुद्दे पर समर्थन
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उसका समर्थन केवल छात्रों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों तक सीमित है, पार्टी का कहना है कि यह सहयोग किसी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा है।
तीसरे राजनीतिक विकल्प की जरूरत पर जोर
अमित जोगी ने कहा कि देश के युवाओं के बीच पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग एक नए और प्रभावी राजनीतिक विकल्प की मांग लगातार बढ़ रही है, उनके अनुसार, जनआंदोलन लोकतंत्र की ताकत होते हैं। ऐसे आंदोलन न केवल सरकारों को जनता की अपेक्षाओं का एहसास कराते हैं, बल्कि राजनीतिक दलों को भी आत्ममंथन का अवसर देते हैं।
व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से राष्ट्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को लेकर चिंताएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है, इसलिए जिम्मेदारी तय कर सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।