छत्तीसगढ़ में सामूहिक विवाह का ऐतिहासिक आयोजन: 6 हजार से ज्यादा जोड़े बने हमसफर, गरियाबंद में 4 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने लिए फेरे

छत्तीसगढ़ में सामूहिक विवाह का ऐतिहासिक आयोजन: 6 हजार से ज्यादा जोड़े बने हमसफर, गरियाबंद में 4 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने लिए फेरे

छत्तीसगढ़ में आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बड़े पैमाने पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें प्रदेशभर में 6,412 से अधिक जोड़े अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सबसे बड़ा आयोजन हुआ, जहां 1,316 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मौके पर पहुंचकर नवविवाहितों को आशीर्वाद दिया।

प्रदेश के अन्य जिलों के वर-वधू इस कार्यक्रम से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।

गरियाबंद में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने शुरू किया नया जीवन

गरियाबंद जिले में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम खास रहा, जहां 4 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विवाह कर मुख्यधारा में नए जीवन की शुरुआत की। जिले में कुल 283 जोड़ों का विवाह मुख्य मेला मंच पर संपन्न हुआ।

इस आयोजन में 25 समर्पित नक्सली शामिल हुए, जिनमें से चार ने विवाह किया। कार्यक्रम में धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक रोहित साहू और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

विवाह कार्यक्रम में जाते समय बस दुर्घटना

इधर, मनेंद्रगढ़ में सामूहिक विवाह में शामिल होने जा रही एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जनकपुर से खड़गवां चनवारीमांड जा रही बस रास्ते में गड्ढे में फंस गई, जिससे करीब 17 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

बताया गया कि बस में कुल 54 यात्री सवार थे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की भी शुरुआत

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ भी किया। पहले चरण में 6 से 52 माह आयु वर्ग के लगभग 40 हजार कुपोषित बच्चों को शामिल किया जाएगा। अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग से होगी, जिसमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिले शामिल हैं।

प्रत्येक जोड़े को आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 35 हजार रुपये सीधे बैंक खाते में दिए जाएंगे, जबकि 15 हजार रुपये विवाह आयोजन और उपहार सामग्री पर खर्च किए जाएंगे।

राज्यभर में

  • 6,281 जोड़े हिंदू रीति से,

  • 113 ईसाई,

  • 10 बैगा समुदाय,

  • 5 बौद्ध,

  • 3 मुस्लिम रीति से विवाह बंधन में बंधे।

बिलासपुर में 175 जोड़ों का सामूहिक विवाह

बिलासपुर के बी.आर. यादव बहतराई स्टेडियम में भी 175 जोड़ों का सामूहिक विवाह आयोजित किया गया। सभी विवाह हिंदू परंपरा के अनुसार संपन्न हुए। एक-एक हवन कुंड में चार जोड़ों ने आहुति देकर नए जीवन की शुरुआत की। इस अवसर पर बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने नवदंपतियों को शुभकामनाएं दीं।

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