कल्याण कॉलेज में NSUI प्रदर्शन: 7 नेताओं पर FIR, प्राचार्य से 30 मिनट तक विवेकाधीन व्यवहार

भिलाई के कल्याण कॉलेज में किए गए प्रदर्शन के बाद NSUI नेताओं पर FIR दर्ज। कॉलेज में दस्तावेजों को क्षतिग्रस्त व स्याही फेंकने का आरोप। पूरा मामला पढ़ें।

महिला कर्मचारियों की बहाली व सार्वजनिक माफी की मांग से शुरू हुआ विवाद

भिलाई की सेक्टर-7 स्थित कल्याण कॉलेज में एनएसयूआई नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित आंदोलन रविवार को हिंसक मोड़ ले गया। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज परिसर में जबरन घुसकर प्राचार्य केबिन पर पर्चे व स्याही फेंकी, सरकारी दस्तावेज फाड़े, और प्राचार्य को अपमानित करने का प्रयास किया।

प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने एनएसयूआई प्रदेश सचिव व भिलाई नगर विधायक प्रतिनिधि आकाश कनौजिया सहित कुल 7 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

क्या था विवाद  प्रदर्शन की शुरुआत

  • कॉलेज प्रशासन द्वारा निकाली गई दो महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद

  • एनएसयूआई ने उन्हें पुनः नियुक्ति और माफ़ी की मांग की

  • जब उनकी मांग नहीं मानी गई, तो कार्यकर्ताओं ने पूर्व सूचना के बिना कॉलेज गेट पर धरना दिया

  • प्राचार्य बाहर न आने पर, कार्यकर्ताओं ने अंदर प्रवेश कर विवाद तेज कर दिया

केबिन में घुसकर हंगामा, दस्तावेज फाड़े व स्याही पोती

प्रदर्शनकारियों ने सुबह-दोपहर के समय:

  • गार्ड को धक्का दे कर प्रवेश किया

  • कार्यालय में रखे रिकॉर्ड व फॉर्म्स फाड़ दिए

  • पर्चे फेंके, नेमप्लेट व दफ़्ती पर स्याही उगलाई

  • जूतों-चप्पलों की माला पहनाने व अपमानजनक हरकतें की

इस दौरान परिसर में मौजूद अन्य शिक्षकों व स्टाफ ने विरोध व्यक्त किया, किंतु स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

FIR में दर्ज मुख्य शिकायतें

प्राचार्य की शिकायत के बाद थाने में FIR में शामिल आरोप:

  • अनधिकृत प्रवेश व दफ़्ती में तोड़-फोड़

  • सरकारी सामग्रियों को क्षति

  • स्याही व अपमानजनक कृत्य

  • शारीरिक व मानसिक धमकी

पुलिस ने क़ानूनी प्रावधानों के तहत जांच शुरू कर दी है।

कॉलेज स्टाफ में भय का माहौल, छात्रों में असमंजस

इस घटना से कॉलेज परिसर में शिक्षकों व कर्मचारी वर्ग में डर व्याप्त हो गया है।
विद्यार्थी और अन्य कर्मचारी बता रहे हैं कि इस स्थित‍ि से सामान्य पढ़ाई-पढ़ाने और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

NSUI का दावा – “विपक्ष की आवाज़ दबाने की कोशिश”

एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव का कहना है कि FIR को लेकर यह निष्पक्ष जांच नहीं, बल्कि सरकार की राजनीति है।
उनका आरोप है कि:

  • पहले भी NSUI कार्यकर्ताओं पर FIR की गई है

  • उनकी मांगें और शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी दबाए जाते रहे हैं

पूर्व कार्रवाई व संगठनात्मक विवाद

आरोपी नेता आकाश कनौजिया पर पहले 2022 में NSUI के भीतर कर्तव्यहीनता के आरोपों में सस्पेंशन की कार्रवाई हुई थी।
उसके बाद 2022 के अंत में उन्हें वापस बहाल किया गया, लेकिन संगठन में उनकी वजह से विवाद कभी शांत नहीं हुआ।

अब आगे क्या होगा कानूनी व राजनीतिक पहल

  • पुलिस FIR दर्ज कर केस दर्ज कर चुकी है और मामले की गहन जांच जारी रखेगी।

  • कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वह कॉलेज की सुरक्षा व शांति बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

  • NSUI व विपक्ष कह रहे हैं कि यदि जांच निष्पक्ष नहीं हुई, तो बड़ी राजनीति व आंदोलन शुरू हो सकते हैं।

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