Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ में मानवता शर्मसार! 6 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या से आक्रोश
Chhattisgarh News : कन्या भोज के लिए गई मासूम के साथ यौन उत्पीड़न, सिगरेट से दागा, इलेक्ट्रिक शॉक देकर हत्या, शव कार की डिक्की में मिला। परिजनों का फूटा गुस्सा, आरोपी के घर फूंका।
एक मासूम बचपन का दर्दनाक अंत
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक ऐसी हृदयविदारक और मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक और गुस्से में डुबो दिया है। रविवार को कन्या भोज के लिए अपने पड़ोस के मंदिर में गई महज 6 साल की एक मासूम बच्ची की निर्मम हत्या कर दी गई। इस जघन्य अपराध ने न केवल एक परिवार की खुशियों को छीन लिया, बल्कि समाज में भी गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।
अमानवीय यातना और जघन्य कृत्य
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्ची के साथ न केवल यौन उत्पीड़न किया गया, बल्कि उसे अमानवीय यातनाएं भी दी गईं। दरिंदों ने उसके नाजुक शरीर को सिगरेट से दागा, लाइटर से जलाया और फिर उसे इलेक्ट्रिक शॉक देकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद, उन्होंने बच्ची के शव को एक कार की डिक्की में छिपा दिया, मानो अपने घिनौने कृत्य को छुपाने की कोशिश कर रहे हों।
जब बच्ची का शव बरामद हुआ, तो उसकी भयावह स्थिति देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा। उसके छोटे-छोटे हाथ अकड़े हुए थे, मासूम चेहरे पर खरोंच के गहरे निशान थे, और उसके होंठ व नाक से खून बह रहा था। बच्ची के परिजनों ने स्पष्ट रूप से बलात्कार के बाद हत्या का आरोप लगाया है, जिससे स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
आक्रोशित भीड़ का फूटा गुस्सा
इस बर्बर वारदात के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। इंसाफ की मांग करते हुए उग्र भीड़ ने संदिग्ध युवक के घर पर धावा बोल दिया और तोड़फोड़ करने के बाद आग लगा दी। भीड़ ने संदिग्ध की कार को भी आग के हवाले कर दिया, जो उनके गहरे गुस्से और दुख को दर्शाती है।
मां की मार्मिक पुकार और न्याय की गुहार
मृत बच्ची की मां का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने दैनिक भास्कर से बात करते हुए बताया कि उनकी मासूम बेटी के निजी अंगों को बुरी तरह से जलाया गया था और उसके कोमल शरीर के हिस्सों को फाड़ दिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई इंसान इतना क्रूर कैसे हो सकता है और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। उनकी चीखें हर उस व्यक्ति के दिल को झकझोर रही हैं जो इस घटना के बारे में सुन रहा है।
पुलिस पर उठे सवाल और राजनीतिक दबाव के आरोप
एक और चिंताजनक पहलू यह है कि मृत बच्ची के चाचा की बेटी ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। बच्ची का रो-रोकर कहना है कि पुलिस अंकल ने उसे पीटा और उसे वहीं सुला देने की धमकी दी। इन आरोपों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को और तेज कर दिया है। इसके अतिरिक्त, ऐसी खबरें भी सामने आ रही हैं कि इस मामले को दबाने के लिए राजनीतिक दबाव डाला जा रहा है, जिससे लोगों में और भी ज्यादा गुस्सा और अविश्वास फैल रहा है।
घटना का घटनाक्रम
घटना की पृष्ठभूमि की बात करें तो, मासूम बच्ची रविवार सुबह लगभग 9 बजे अपने पड़ोस के मंदिर में अन्य बच्चियों के साथ कन्या भोज के लिए खुशी-खुशी गई थी। जब वह दोपहर तक घर नहीं लौटी, तो चिंतित परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। दिनभर बच्ची की तलाश की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिजन लगातार अपनी बच्ची को ढूंढ रहे थे, तभी संदिग्ध बादल (28) ने चौंकाने वाली जानकारी दी कि बच्ची की लाश उसकी कार की डिक्की में है।
सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और खून से लथपथ बच्ची के शव को डिक्की से बाहर निकाला। बच्ची कार के अंदर सीट के नीचे बुरी तरह से पड़ी थी। उसके पूरे शरीर पर चोटों के निशान थे, और उसकी कोमल चमड़ी भी कई जगह से उधड़ी हुई थी। परिजन तुरंत बच्ची को दुर्ग जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में बच्ची की मौत का कारण इलेक्ट्रिक शॉक लगना बताया है।