Chhattisgarh News : दमोह और बिलासपुर: फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट का काला सच — अस्पतालों की लापरवाही से गई कई जानें!

Chhattisgarh News : दमोह और बिलासपुर: फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट का काला सच — अस्पतालों की लापरवाही से गई कई जानें!

Chhattisgarh News : दमोह और बिलासपुर: फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट का काला सच — अस्पतालों की लापरवाही से गई कई जानें!

Chhattisgarh News : देश के दो प्रमुख अस्पतालों मध्यप्रदेश के दमोह स्थित मिशन अस्पताल और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल में एक फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा किए गए ऑपरेशनों से कई मासूम जिंदगियों की मौत हो गई। इस खुलासे ने न केवल अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर किया, बल्कि पूरे हेल्थकेयर सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दमोह मिशन अस्पताल में मौत का ऑपरेशन थिएटर

दमोह के मिशन अस्पताल में पिछले तीन महीनों में हार्ट सर्जरी के बाद छह मरीजों की मौत हो चुकी है।
इन सभी ऑपरेशनों को अंजाम देने वाला डॉक्टर था — डॉ. नरेंद्र, जो खुद को कार्डियोलॉजिस्ट बताता रहा, लेकिन जांच में सामने आया कि उसके पास केवल MBBS की डिग्री थी।परिजनों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।आयोग ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

डॉ. नरेंद्र के दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई है। वह देहरादून निवासी है और असली नाम नरेंद्र जॉन केम बताया जा रहा है। उसने आंध्र प्रदेश से MBBS किया, लेकिन उसकी MD और कार्डियोलॉजिस्ट की डिग्रियों के कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं हैं।

अपोलो बिलासपुर में भी हुआ मौत का खेल

साल 2006, अपोलो अस्पताल बिलासपुर में भी यही डॉक्टर, तब नरेंद्र विक्रमादित्य के नाम से, कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत था।उसने उस दौरान 8 से 10 मरीजों के ऑपरेशन किए, जिनमें से सभी की मौत हो गई।इनमें छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल का मामला सबसे गंभीर था। उन्हें भर्ती किया गया, नरेंद्र ने ऑपरेशन किया, और उसी दिन उनकी मौत हो गई।
इन मौतों पर परिजनों ने हंगामा किया और जांच की मांग की।
IMA के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. वायएस दुबे ने जांच करवाई, जिसमें साफ हुआ कि डॉ. नरेंद्र के पास कोई स्पेशलाइजेशन डिग्री नहीं थी।

कहां है सिस्टम की जवाबदेही?

दमोह मिशन अस्पताल ने सीएमएचओ को नरेंद्र की नियुक्ति की जानकारी नहीं दी।अपोलो अस्पताल जैसा प्रतिष्ठित कॉरपोरेट अस्पताल भी डॉक्टर की वैधता की जांच नहीं कर पाया ,कैसे एक व्यक्ति ने दो राज्यों में अलग-अलग नाम और पहचान से वर्षों तक डॉक्टर बनकर लोगों की जान ली?

Related Post

Circuit not found — Panel21
404 · OPEN CIRCUIT

Nothing wired to this address.

The page you asked for isn't on the panel. Head back to the main bus.

Return home